दतिया (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के दतिया से पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की राजनीतिक मुश्किलें निरंतर बढ़ती जा रही हैं। पहले कोर्ट के फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता गई, फिर उन्होंने उपचुनाव लड़ने से इंकार किया और अब मतगणना से ठीक पहले कांग्रेस संगठन ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। रविवार शाम यह बड़ा फैसला कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व और आलाकमान द्वारा दतिया से कांग्रेस प्रत्याशी की आधिकारिक शिकायत के बाद लिया गया है।
⚖️ हाईकोर्ट की सजा के बाद रद्द हुई थी विधायकी, उपचुनाव में परिवार को टिकट न देने की थी अपील
उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को उच्च न्यायालय (High Court) द्वारा सुनाई गई 3 वर्ष की सजा के उपरांत नियमानुसार मध्य प्रदेश विधानसभा से उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
इसके बाद दतिया में उपचुनाव की स्थिति निर्मित हुई और 30 जुलाई को मतदान संपन्न हुआ। उपचुनाव की घोषणा होते ही राजेंद्र भारती ने सार्वजनिक अपील की थी कि कांग्रेस पार्टी उनके अथवा उनके परिवार के किसी भी सदस्य को उम्मीदवार न बनाए। तत्पश्चात नामांकन से ठीक पहले कांग्रेस ने पूर्व मंत्री घनश्याम सिंह को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया था।
🗳️ चुनाव प्रचार से दूरी और बीजेपी से सांठगांठ का आरोप, प्रत्याशी ने दिल्ली में की थी शिकायत
उपचुनाव के प्रचार के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दतिया में लगातार सक्रिय रहे, किंतु राजेंद्र भारती हर बड़े प्रचार अभियान और मंच से पूरी तरह नदारद रहे।
30 जुलाई को मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस आलाकमान से राजेंद्र भारती की शिकायत की। घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया कि राजेंद्र भारती ने चुनाव में भितरघात किया है और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) से सांठगांठ कर पार्टी को नुकसान पहुंचाया है। इसके साथ ही उन्होंने भारती को पार्टी से निष्कासित करने की मांग रखी थी।
📜 मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने जारी किया निलंबन का आदेश, राजेंद्र भारती ने आरोपों को बताया था निराधार
रविवार को मतगणना से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आधिकारिक पत्र जारी कर राजेंद्र भारती को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इसे दतिया प्रत्याशी की शिकायत का सीधा असर माना जा रहा है। हालांकि, इस निलंबन आदेश के बाद फिलहाल राजेंद्र भारती की कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, किंतु इससे पूर्व उन्होंने अपने ऊपर लगे भितरघात के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निराधार बताया था।

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