भक्तों के लिए बड़ी खबर! दिल्ली से मेहंदीपुर बालाजी धाम अब सिर्फ 25 मिनट में, हेलीकॉप्टर सेवा शुरू, जानें कितना होगा किराया और बुकिंग प्रोसेस

राजस्थान

राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां अब हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है. यह सुविधा सोमवार से शुरू हो गई है. हेलीकॉप्टर की पहली उड़ान सोमवार को मेहंदीपुर बालाजी धाम पहुंची. नई सेवा शुरू होने से दिल्ली, जयपुर से मेहंदीपुर बालाजी मंदिर पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए काफी आसान हो गया है.

अब श्रद्धालु दिल्ली, जयपुर और अलवर के पिनान से ऑनलाइन टिकट बुक करके सीधे हेलीकॉप्टर से बालाजी धाम पहुंच सकते हैं. सोमवार को दिल्ली से 5 श्रद्धालुओं को लेकर हेलीकॉप्टर मेहंदीपुर बालाजी पहुंचा, जो इस सेवा का पहला ट्रायल भी रहा. अभी तक सड़क और रेल मार्ग के जरिए ही दिल्ली और जयपुर से मेहंदीपुर बालाजी पहुंचा जाता था, लेकिन ये सेवा शुरू होने से अब कम समय में श्रद्धालु मेहंदीपुर बालाजी पहुंच जाएंगे. ऐसे में इसे धार्मिक पर्यटन और जिले की अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है.

कितना होगा किराया?

इस सेवा के लिए एक यात्री के लिए 70 हजार रुपये आने-जाने का किराया तय किया गया है. इस हेलीकॉप्टर सेवा को बुक योअर हेलीकॉप्टर कंपनी संचालित कर रही है, जिसके लिए आप ऑनलाइन टिकट BookYourHelicopter.com से बुक कर सकते हैं. मेहंदीपुर बालाजी धाम पंच गौरव में शामिल प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं.

ये हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से यात्रा अब पहले से और ज्यादा आसान हो जाएगी. दिल्ली और जयपुर से उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टर को मेहंदीपुर बालाजी पहुंचने में लगभग 25 से 26 मिनट लगेंगे, जबकि पिनान से सिर्फ 15 मिनट का समय लगेगा. यह नई पहल श्रद्धालुओं को कम समय में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा देगी.

8 हेलीकॉप्टर और 2 प्राइवेट जेट संचालित

Book Your Helicopter कंपनी की ओर से अभी 8 हेलीकॉप्टर और 2 प्राइवेट जेट संचालित किए जा रहे हैं. कंपनी के फाउंडर मनीष कुमार सुनारी ने कहा कि जिला प्रशासन और पर्यटन मंत्रालय के आग्रह के बाद ही इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया है. इसका मकसद देश-विदेश के श्रद्धालुओं को सुविधा देना और समय बचाना है. इससे रोजगार भी बढ़ेगा.

यह नई हेलीकॉप्टर सेवा सिर्फ मेहंदीपुर बालाजी धाम तक पहुंच को आसान नहीं बनाएगी, बल्कि आसपास मौजूद कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को भी एक मार्ग से जोड़ेगी और एक नया टूरिज्म सर्किट बनाएगी. इस सर्किट में आभानेरी की प्राचीन बावड़ी, झाझीरामपुरा और पपलाज माता मंदिर जैसे खास स्थल शामिल होंगे.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry