छतरपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित सटई रोड पर संचालित ‘मां शारदा हॉस्टल’ (प्राइवेट हॉस्टल) से सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध और लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है।
यहां बीती देर रात तीन छात्र मौका पाकर हॉस्टल की छत लांघकर अचानक गायब हो गए। सुबह जब बच्चों के गायब होने की खबर फैली, तो हॉस्टल परिसर में हड़कंप मच गया। हॉस्टल प्रबंधन द्वारा घटना की तात्कालिक सूचना परिजनों को दी गई, जिसके बाद घबराए परिजन आनन-फानन में हॉस्टल पहुंचे।
⚠️ परिजनों ने प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का गंभीर आरोप, पुलिस जांच में जुटी
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर बच्चों की सुरक्षा और देखरेख को लेकर घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों का कहना है कि हॉस्टल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण ही बच्चे ऐसा कदम उठाने पर मजबूर हुए। परिजनों ने स्थानीय थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हॉस्टल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV) को खंगालना शुरू कर दिया है और भागे हुए छात्रों की तलाश में टीम गठित कर दी है।
✉️ 10वीं और 9वीं के छात्र हैं भागे हुए बच्चे, संचालक ने ‘चिट्ठी’ का किया दावा
हॉस्टल से गायब हुए छात्रों की पहचान सत्यम पटेल (कक्षा 10वीं), दीपक पटेल (कक्षा 9वीं) और अंकित पटेल (कक्षा 9वीं) के रूप में हुई है।
हॉस्टल संचालक राजकुमार के अनुसार, तीनों छात्र रात लगभग 12:30 बजे छत के रास्ते भाग निकले। संचालक ने यह भी सनसनीखेज दावा किया है कि छात्रों ने भागने से पहले एक पत्र (Letter) छोड़ा है, जिसमें उन्होंने किसी अज्ञात महिला द्वारा परेशान किए जाने की बात लिखी है। हालांकि, पुलिस या प्रशासनिक स्तर पर इस कथित पत्र की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
🔒 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, संचालक ने मानी रात में गार्ड के सोने की बात
इस पूरी घटना ने जिले में संचालित प्राइवेट हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था, रात्रि निगरानी और छात्रों की सेफ्टी पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूछताछ में हॉस्टल संचालक ने स्वयं स्वीकार किया कि रात्रि के समय तैनात सुरक्षा गार्ड सो जाते हैं, जिसके चलते यह घटना घटित हुई और इसका तत्काल पता नहीं चल सका। फिलहाल परिजन और पुलिस अपने-अपने स्तर पर तीनों छात्रों की खोजबीन में जुटे हुए हैं।
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