बकरी पालन में पैसा दोगुना करने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: दुमका में प्रोफेसर समेत 10 पर दूसरी FIR दर्ज

झारखण्ड

दुमका (झारखंड): जिले में बकरी पालन और ऑनलाइन निवेश के नाम पर महज 13 महीनों में रकम दोगुनी करने का लालच देकर दर्जनों लोगों से लाखों रुपये ऐंठने के मामले में शुक्रवार को नगर थाना दुमका में दूसरी प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई।

यह नई प्राथमिकी सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (SKMU) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू सहित 10 नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध सुष्मिता सोरेन द्वारा दर्ज कराई गई है। दिलचस्प बात यह है कि इस घोटाले में जो पहली प्राथमिकी प्रोफेसर अंजुला मुर्मू द्वारा दर्ज कराई गई थी, उसमें उन्होंने स्वयं सुष्मिता सोरेन को नामजद आरोपी बनाया था। अब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने से मामला बेहद पेंचीदा हो गया है।

📋 क्या है एफआईआर में दर्ज शिकायत: RWA योजना और दैनिक मुनाफे का दिया गया था झांसा

धोखाधड़ी का तौर-तरीका और निवेश का विवरण:

  • पारिवारिक पहचान का उठाया लाभ: दुमका के न्यू बांध पाड़ा निवासी शिकायतकर्ता सुष्मिता सोरेन ने पुलिस को दी तहरीर में उल्लेख किया है कि एसकेएम विश्वविद्यालय में अंग्रेजी विभाग की लेक्चरर डॉ. अंजुला मुर्मू रिश्ते में उनकी गोतनी लगती हैं, जिसके चलते उन पर गहरा पारिवारिक विश्वास था।

  • फर्जी दस्तावेज और मुनाफा: आरोप है कि डॉ. अंजुला और उनके अन्य सहयोगियों ने ‘आरडब्ल्यूए’ (RWA – Real World Assets) योजना के तहत बकरी पालन व ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने पर प्रतिदिन 0.50% से 0.75% का भारी रिटर्न और 13 महीने में पूंजी दोगुनी करने का सब्जबाग दिखाया। इसके लिए फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स और एग्रीमेंट्स भी दिखाए गए।

  • जमा पूंजी गंवाई: इस लुभावने झांसे में आकर पीड़िता और उनके पति ने अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई से कुल 2 लाख 10 हजार रुपये का निवेश कर दिया।

💻 प्लान बदलने के बाद अचानक बंद हुई RWA की वेबसाइट: जुलाई से निकासी पर लगी थी रोक

योजना के बंद होने का घटनाक्रम:

  • शुरुआत में सब सामान्य: शिकायत के अनुसार, शुरुआत के कुछ महीनों तक तय वादे के अनुरूप कागजी मुनाफा दिखाया गया, परंतु 31 मई के बाद कंपनी ने अचानक प्लान में बदलाव कर दिया।

  • पूंजी निकासी की मांग: नियमों में बदलाव होते ही निवेशकों को संदेह हुआ और उन्होंने अपनी मूल राशि वापस मांगनी शुरू कर दी। इसी बीच जुलाई माह में आरडब्ल्यूए की आधिकारिक वेबसाइट से धन निकासी (विड्रॉल) का विकल्प पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया।

  • झूठे आश्वासनों के बाद पोर्टल गायब: निवेशकों के विरोध पर आरोपी डॉ. अंजुला के सहयोगी सुमित नायक ने दावा किया था कि 10 अगस्त तक सभी तकनीकी दिक्कतें दूर कर भुगतान शुरू हो जाएगा। लेकिन समाधान के बजाय 13 अगस्त 2026 को उक्त RWA वेबसाइट को पूरी तरह से बंद (इंटरनेट से गायब) कर दिया गया, जिससे निवेशकों के होश उड़ गए।

👥 इन 10 आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ केस: कानूनी कार्रवाई और रिफंड की मांग

नामजद आरोपियों की सूची और शिकायतकर्ता की गुहार:

  • नामजद अभियुक्त: पीड़िता सुष्मिता सोरेन की शिकायत पर नगर थाना पुलिस ने डॉ. अंजुला मुर्मू, विनोद कुमार सिंह, सुमित नायक, कोर्नेलियुस मरांडी, रोशन कुमार ठाकुर, विवेक सिंह, मनीष कुमार, निरुलता बेसरा, स्वीटी प्रियंका हंसदा और अभिराज मुर्मू के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।

  • दर्जनों लोग बने शिकार: शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि केवल वही नहीं, बल्कि संथाल परगना के दर्जनों अन्य सीधे-सादे ग्रामीणों और वेतनभोगियों से भी इसी नेटवर्क के जरिए लाखों-करोड़ों रुपये ठगे गए हैं। उन्होंने आरोपियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई और डूबी हुई रकम वापस दिलाने की मांग की है।

⚖️ दुमका एसपी का बयान: प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने शुरू किया अनुसंधान

पुलिसिया रुख और आगे की कार्रवाई:

  • एसपी की पुष्टि: इस हाई-प्रोफाइल निवेश घोटाले के संदर्भ में दुमका के पुलिस अधीक्षक (SP) पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए विधिक धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है।

  • पारदर्शी जांच का भरोसा: एसपी ने कहा कि साइबर सेल और आर्थिक अपराध शाखा की मदद से मामले की हर कड़ी और बैंक खातों के लेन-देन की विस्तृत जांच (अनुसंधान) की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कानूनन सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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