सरकार सभी जिलों में राशन डिपो की संख्या बढ़ाकर 13 हजार 408 करने जा रही है। इसमें से 33 प्रतिशत डिपो की कमान महिलाओं के हाथ में होगी। अभी प्रदेश में 9408 डिपो चल रहे हैं, जिनमें महिलाओं को उनके कोटे का पूरा लाभ नहीं मिल रहा। डिपो संचालक आय का स्रोत बढ़ाने के लिए डिपो से जैविक खाद के पांच-पांच किलो के पैकेट भी बेच सकेंगे। इससे गांव में जैविक खाद बनाने वाले किसान और पशुपालकों को गांव के पास ही एक बाजार मिल जाएगा। उन्हें शहरों की उत्पाद ले जाने की जरूरत नहीं होगी।
खेती के लिए जैविक खाद का उपयोग करने वाले किसानों को मानक तय कर बनाई गई जैविक खाद भी गांव के पास ही मिल जाएगी। नायब सरकार ने राशन डिपो वितरण प्रणाली से लेकर डिपो देने के तरीके को और भी पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। इस योजना में स्वयं सहायता समूह तथा सीएम पैक्स संचालन समितियों को भी वरीयता मिलेगी। रासायनिक उर्वरक खेती में कम प्रयोग कर जैविक खाद को बढ़ावा देने के लिए भी डिपो संचालकों को दूसरी जिम्मेदारी देकर उनकी आय में बढ़ाने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है
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