राजस्थान में बड़ा फैसला: अब मदरसों में भी गाया जाएगा ‘वंदे मातरम’, शिक्षा मंत्री बोले- नियम सब पर लागू होगा

राजस्थान

राजस्थान में अब राष्ट्रगीत वंदे मातरम स्कूल-कॉलेजों के साथ मदरसों में भी गाया जाएगा. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राजस्थान सरकार के अधीन आने वाले सभी स्कूलों, कॉलेजो और मदरसों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाया जाएगा. हालांकि मुस्लिम संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है. राजस्थान के वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन खानू खान बुधवाली ने कहा कि हिंदुस्तान में आजादी है, हर किसी को अपने धर्म की प्रार्थना और इबादत करने की. सरकार ये न थोपे कि उन्हें कौन सी प्रार्थना करनी है.

राष्ट्रगीत वंदे मातरम को 7 नवंबर को 150 साल हो जाएंगे. राजस्थान की बीजेपी सरकार ने राष्ट्रगीत का जश्न साल भर मनाने के लिए सरकार के अधीन सभी स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में वंदे मातरम नियमित गाने का फैसला किया है. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सरकार के अधीन आने वाले सभी शिक्षण संस्थान, जिनमें मदरसे भी शामिल हैं, उनमें राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाया जाएगा.

क्या बोले वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन?

राजस्थान की बीजेपी सरकार के इस फैसले से मुस्लिम संगठन खफा हैं. मुस्लिम संगठनों का आरोप है कि बीजेपी सरकार अपनी नाकामियों में को छिपाने के लिए वंदे मातरम का सहारा ले रही है. हिंदुस्तान में हर धर्म को आजादी है कि वो अपने धर्म के मुताबिक इबादत करें. सरकार उन पर ये न थोपे कि वो क्या प्रार्थना करें. वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन खानू खान बुधवाली ने कहा कि सरकार मदरसों के आधुनिकीकरण और विकास के बजाय वंदे मातरम के विवाद में उलझा रही है.

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

उधर, कांग्रस ने आरोप लगाया कि बीजेपी वंदे मातरम के नाम पर सियासत कर रही है. वंदे मातरम गीत तो पहले भी गाया जाता रहा है. राजस्थान में मदरसे को लेकर विवाद पहली बार खड़ा नहीं हुआ. पिछली अशोक गहलोत सरकार ने मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए बड़े बजट का ऐलान किया था, तब बीजेपी ने इसे मुस्लिम तुष्टिकरण कहा था. गहलोत सरकार के दौरान सरकार ने मदरसा बोर्ड के जरिए मदरसों में फर्नीचर, कंप्यूटर और बिल्डिंग के लिए बड़ा बजट आवंटित किया था.

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