किसान मजदूर संघर्ष समिति, पंजाब (जिला कपूरथला) के नेताओं ने विभिन्न जोनों की बैठकों को संबोधित करते हुए भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ‘फ्री ट्रेड समझौते’ का कड़ा विरोध जताया है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि इस समझौते से कृषि, पशुपालन, पोल्ट्री और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसी के विरोध में और अपनी लंबित मांगों को मनवाने के लिए 21 जुलाई को दिल्ली के ‘किसान घाट’ पर एक विशाल महा-रैली का आयोजन किया जाएगा।
📢 20 जुलाई को दिल्ली के लिए होगा प्रस्थान
जिला कपूरथला के सभी जोनों के किसान और मजदूर 20 जुलाई को बसों के माध्यम से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। किसान नेताओं ने अपनी प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि जब तक केंद्र सरकार फ्री ट्रेड समझौता रद्द नहीं करती, किसानों-मजदूरों का पूरा कर्ज माफ नहीं करती, MSP की कानूनी गारंटी नहीं देती, डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करती और ‘बिजली संशोधन विधेयक-2025’ को वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। साथ ही, उन्होंने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर हुए नुकसान के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये के मुआवजे की भी मांग की है।
🏍️ 15 जुलाई को निकलेगा मोटरसाइकिल मार्च
जिला अध्यक्ष सरवण सिंह बाऊपुर और जिला सचिव शेर सिंह महीवाल ने बताया कि 15 जुलाई को आयोजित होने वाले मोटरसाइकिल मार्च की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यह मार्च सुल्तानपुर लोधी से शुरू होकर विभिन्न जोनों से होता हुआ ‘रेल कोच फैक्ट्री’ (RCF), कपूरथला पहुंचेगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे जिला उपायुक्त (DC) को किसानों की मांगों से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा।
🤝 एकता का आह्वान
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, छात्र संगठनों और मजदूर वर्गों को साथ लेकर कॉरपोरेट नीतियों के खिलाफ एक बड़ा संघर्ष शुरू करेंगे। उन्होंने आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक तीव्र करने की घोषणा की है।
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