तरनतारन (पंजाब): नशे के अवैध कारोबार और तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना वल्टोहा की पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
पुलिस ने गुप्त सूचना और सतर्क नाकाबंदी के आधार पर एक अंतरराज्यीय नशा तस्कर को 14 किलो 110 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अफीम, एक लग्जरी वरना कार तथा 1,000 रुपये की नकद ड्रग मनी सहित रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त कर लिया गया है।
🚓 गांव दासूवाल में विशेष नाकाबंदी: उत्तराखंड नंबर की वरना कार से हुआ खुलासा
नाकाबंदी और वाहन तलाशी का विवरण:
-
स्कूल के पास चेकिंग: जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुरिंदर लांबा ने प्रेस वार्ता में बताया कि थाना वल्टोहा के मुख्य प्रभारी इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह पुलिस दल के साथ गांव दासूवाल स्थित एक स्कूल के समीप नियमित व विशेष वाहन चेकिंग कर रहे थे।
-
संदेह के आधार पर रोका: उसी दौरान उत्तराखंड के पंजीकरण नंबर (रजिस्ट्रेशन नंबर) वाली एक सफेद वरना कार संदिग्ध रूप से आती दिखाई दी, जिसे पुलिस पार्टी ने रुकने का इशारा किया।
📦 कार की तलाशी में निकली अफीम की भारी खेप: आरोपी मरगिंदपुरा का निवासी
आरोपी की पहचान और बरामदगी:
-
आरोपी की पहचान: पकड़े गए चालक ने पूछताछ में अपना नाम गुरमीत सिंह उर्फ गीतू पुत्र अमरीक सिंह, निवासी गांव मरगिंदपुरा (जिला तरनतारन) बताया।
-
बरामद सामग्री: पुलिस दल ने जब वाहन की गहनता से तलाशी ली, तो सीटों और विशेष केबिन के भीतर छिपाकर रखी गई 14 किलो 110 ग्राम अफीम बरामद हुई।
-
जब्ती: पुलिस ने अफीम की खेप के अलावा मौके से तस्करी में प्रयुक्त वरना कार और ₹1,000 की नकदी (ड्रग मनी) को विधिक प्रक्रिया के तहत सील कर अपने कब्जे में ले लिया।
⚖️ 1 सितंबर को दर्ज हुआ मुकदमा: नेटवर्क खंगालने के लिए पुलिस रिमांड पर आरोपी
विधिक कार्रवाई और आगे की तफ्तीश:
-
केस दर्ज: एसएसपी लांबा ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध थाना वल्टोहा में 1 सितंबर को विधिवत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।
-
पुलिस रिमांड: आरोपी को सक्षम न्यायिक अदालत में प्रस्तुत कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
-
फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक्स की जांच: पुलिस रिमांड के दौरान इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि अफीम की यह विशाल खेप कहां से लाई गई थी और इसे पंजाब के किन-किन हिस्सों में सप्लाई किया जाना था, ताकि पूरे ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad