जबलपुर: गढ़ा इलाके में पीडब्ल्यूडी ने गुजराती कॉलोनी में बनने वाली सड़क पर बुलडोजर चलवा दिया. सड़क का निर्माण कार्य चल ही रहा था, लेकिन अधिकारियों को इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता नजर नहीं आई. इसलिए सड़क निर्माण का काम रोक कर बुलडोजर चलाया गया. स्थानीय लोग इस बात से खुश हैं. अधिकारियों का कहना है कि काम की गुणवत्ता ठीक नहीं थी, इसलिए उसे बीच में ही रोक दिया गया और ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया है.
2 दिन में ही सड़क पर आ गई थीं दरारें
जबलपुर के गढ़ा इलाके में एक गुजराती कॉलोनी है. यह इलाका जबलपुर के पश्चिम क्षेत्र के विधायक राकेश सिंह के क्षेत्र में आता है और वे खुद पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं. इसी कॉलोनी में 80 मीटर की एक रोड का निर्माण कार्य किया जा रहा था. सड़क का निर्माण चल ही रहा था कि अचानक 2 दिन पहले इस सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे. इन लोगों ने देखा की सड़क पर 2 दिन पहले ही कंक्रीट डाला गया है, लेकिन 2 दिन में ही कंक्रीट चटक गया और पूरी सड़क पर दरारें आ गई हैं. जिसके बाद अधिकारियों ने खुद बुलडोजर बुलवाया और सड़क को तोड़ दिया.
मिट्टी डालकर सड़क को मोटी दिखाने का आरोप
स्थानीय निवासी पुरुषोत्तम ने बताया, “सड़क निर्माण में भारी लापरवाही बरती जा रही थी. ठेकेदार मनमाने ढंग से सड़क बना रहे हैं. ऊपर देखने में तो यह सड़क काफी मोटी है, लेकिन इसमें बीच में मिटटी भरी हुई है. केवल आसपास सीमेंट डाल दिया गया है. ऐसी स्थिति में सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे थे. अच्छा हुआ कि लोगों ने शिकायत नहीं कि उसके पहले ही अधिकारियों ने खुद अपने मन से सड़क को तुड़वा दिया.”
शिकायत करने से पहले अधिकारियों ने लिया संज्ञान
स्थानीय निवासी मयंती नागवंशी ने कहा, “मेरा घर इसी कॉलोनी में है. मैं यहां कई सालों से रह रही हूं. पहले यहां कच्ची सड़क थी और बरसात में यह पूरा इलाका पानी से भर जाता था. घर तक आने-जाने में बहुत समस्या होती थी. यह अच्छा हुआ कि सरकार ने यहां सड़क बनवाई, लेकिन लंबे समय बाद मिली हमारी सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही थी. हम लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर किससे शिकायत करें. लेकिन इस बात से हम खुश हैं कि हमारे कहने के पहले ही अधिकारियों ने अपने मन से सड़क को तोड़ दिया.”
ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस भेजा
जबलपुर पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर शिवेंद्र सिंह ने कहा, “हम काम की गुणवत्ता से समझौता नहीं कर सकते. जैसे ही हमें पता लगा कि सड़क निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है. हमने तुरंत काम रुकवा दिया. ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया है और सड़क को भी नए सिरे से बनवाया जाएगा. वहीं, दूसरी तरफ ठेकेदार सड़क निर्माण में वाइब्रेटर का इस्तेमाल नहीं कर रहा था उसके लिए भी हिदायत दी गई है.”
इसी तरह पूरे मध्य प्रदेश में कार्रवाई की नसीहत
इस मामले में पूर्व मंत्री और पाटन क्षेत्र से विधायक अजय बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि “जिस तरह की तत्परता पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी मंत्री के क्षेत्र में दिखाई है, काश पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पूरे प्रदेश को मंत्री का क्षेत्र समझे, तो निर्माण कार्य बेहतर हो सकते हैं.”
जबलपुर में ही बीते दिनों हाईकोर्ट में एक मामला सामने आया, जिसमें एक गांव की सड़क ही पूरी चोरी हो गई. दूसरी तरफ एमपी आरडीसी द्वारा बनाया गया रेलवे का पुल का एक हिस्सा गिर गया. इस वजह से सरकारी निर्माण के कामों की छवि खराब हो रही है. इसी के चलते अधिकारियों ने इस मामले में तत्परता दिखाई है.
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