दुर्ग: गरबा पंडाल में समुदाय विशेष के युवकों के प्रवेश को लेकर हुए हंगामे और विवाद के ठीक अगले ही दिन प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उसी विवादित गरबा पंडाल में जा पहुँचे, जहाँ बीते दिन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और समिति के पदाधिकारियों के बीच जमकर विवाद और धक्का-मुक्की हुई थी। ‘दुर्ग नवनिर्माण समिति’ के इस गरबा उत्सव में पहुँचकर भूपेश बघेल ने विधि-विधान के साथ माँ दुर्गा की महाआरती की। इस दौरान पिछले दिन हुए विवाद और तनाव के मद्देनजर पंडाल के भीतर तथा आसपास के पूरे इलाके में पुलिस प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी।
🗣️ “विविधता ही भारत की खूबसूरती है” – बजरंग दल और बीजेपी पर भूपेश बघेल का तीखा हमला
महाआरती संपन्न होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गरबा विवाद को लेकर बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़ा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि अनेकता में एकता और विविधता ही भारत देश की असली खूबसूरती है। छत्तीसगढ़ में शीतला माता, जवारा, सेवा गीत, डोंगरगढ़, दंतेवाड़ा और रतनपुर महामाया के रूप में पारंपरिक रूप से माँ की आराधना की जाती है। दुर्गा पूजा बंगाल से आई है, गरबा गुजरात से आया है और देश के सभी लोग मिलकर इसे बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं, और यही हमारी साझा संस्कृति व विविधता है।
गरबा पंडाल में समुदाय विशेष के युवकों के प्रवेश का विरोध करने वाले बजरंग दल पर निशाना साधते हुए बघेल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयानों का हवाला दिया। भूपेश बघेल ने कहा कि — “भागवत जी विदेश में जाकर कहते हैं कि जो व्यक्ति मुसलमानों को सताए या प्रताड़ित करे, वह सच्चा हिंदू नहीं हो सकता। ऐसे में लोगों को पहले उनके इन विचारों को गहराई से समझने की जरूरत है, बजाय इसके कि समाज में नफरत फैलाई जाए।”
📖 “भारतीय दर्शन को समझे बिना धर्म पर ज्ञान न दें”
इस दौरान देश में मूर्ति पूजा और सनातन परंपराओं से जुड़े सवालों पर अपनी बात रखते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि भारत भूमि में अनेक प्रकार के प्राचीन दर्शन और परंपराएँ मौजूद हैं, जहाँ मूर्ति पूजा नहीं होती है। उन्होंने सांख्य दर्शन, महर्षि पतंजलि, कबीरपंथ और गुरु नानक देव जी की महान परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और दर्शन को अच्छी तरह समझे बिना किसी को भी दूसरों की आस्था पर ज्ञान देने का कोई अधिकार नहीं है।
🏭 “भिलाई स्टील प्लांट को बचाने के लिए लड़ेंगे लंबी लड़ाई”
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के निजीकरण की चर्चाओं और अटकलों पर बोलते हुए भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भिलाई सिर्फ एक कारखाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और देश की अर्थव्यवस्था की धड़कन है। यदि कोई यह सोचता है कि अडानी या कोई अन्य बड़ा उद्योगपति आकर भिलाई को खरीद लेगा, तो छत्तीसगढ़ की जनता ऐसा कभी नहीं होने देगी। उन्होंने दृढ़ संकल्प जताते हुए कहा कि भिलाई को बचाने के लिए एक लंबी और कड़ी लड़ाई लड़ी जाएगी और इसे किसी भी कीमत पर निजी हाथों में बिकने नहीं दिया जाएगा।
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