चंडीगढ़: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए कानूनी मोर्चे पर बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। पंचकुला के बहुचर्चित इंडस्ट्रियल प्लॉट आवंटन घोटाले में कोर्ट ने हुड्डा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में हुड्डा के साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) के दो तत्कालीन आला अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जिन पर पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप हैं।
क्या है पूरा घोटाला?
यह मामला साल 2013 का है, जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ HUDA के चेयरमैन भी थे। आरोप है कि पंचकुला के सेक्टर-14 में 14 कीमती औद्योगिक भूखंड (Industrial Plots) अपने चहेतों, रिश्तेदारों और करीबियों को कौड़ियों के दाम पर बांटे गए। CBI की जांच के अनुसार, आवंटन प्रक्रिया के बीच में ही पात्रता के नियमों को बदला गया ताकि खास लोगों को फिट किया जा सके। जांच में पाया गया कि कई ऐसे लोगों को प्लॉट दिए गए जो तकनीकी रूप से इसके हकदार नहीं थे।
शिकंजे में 2 पूर्व IAS अधिकारी
कोर्ट ने इस मामले में हुड्डा के अलावा HUDA के तत्कालीन दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी चार्ज फ्रेम करने की प्रक्रिया को हरी झंडी दी है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के दबाव में या मिलीभगत कर फाइलों को गलत तरीके से मंजूरी दी। आरोपियों पर धोखाधड़ी (420), दस्तावेजों में हेरफेर (467, 468), आपराधिक साजिश (120-B) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धाराओं के तहत मुकदमा चलेगा।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
विधानसभा की सरगर्मियों के बीच हुड्डा पर कानूनी शिकंजा कसने से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भाजपा ने इसे ‘भ्रष्टाचार पर चोट’ करार दिया है, वहीं कांग्रेस इसे ‘बदले की राजनीति’ बता रही है। अब इस मामले में नियमित सुनवाई शुरू होगी, जहाँ गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि दोष सिद्ध होता है, तो हुड्डा के राजनीतिक करियर पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को अगली तारीख पर पेश होने के निर्देश दिए हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad