पुराने भोपाल के बड़ा बाग कब्रिस्तान के नीचे से प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। गुरुवार को मध्य प्रदेश राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल में इस संवेदनशील मामले की सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अब इस विवादित प्रोजेक्ट पर कानूनी रुख साफ होने के लिए अगली सुनवाई की तारीख 23 जून तय की गई है।
⚖️ वक्फ ट्रिब्यूनल में दो अलग-अलग मामले: कमेटी ने मेट्रो निर्माण का किया विरोध
कमेटी इंतेजामियां औकाफ-ए-अम्मा ने भोपाल टॉकीज स्थित बड़ा बाग कब्रिस्तान और नारियलखेड़ा की वक्फ जमीन पर मेट्रो निर्माण के विरोध में दो अलग-अलग प्रकरण दायर किए हैं। कमेटी का तर्क है कि वक्फ संपत्तियों और धार्मिक स्थलों के नीचे या आसपास इस तरह का निर्माण नियमों के विरुद्ध है। इस मामले में कमेटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंसार उल हक और अधिवक्ता इब्राहिम सरवत शरीफ खान मजबूती से पैरवी कर रहे हैं।
🚧 अंडरग्राउंड मेट्रो का पेंच: पुराने शहर के रूट पर निर्माण की चुनौती
भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट का यह हिस्सा पुराने शहर की घनी आबादी और ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों के कारण पहले ही चुनौतीपूर्ण रहा है। अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय स्तर पर और वक्फ कमेटी द्वारा विरोध जताया जा रहा है। अब सबकी निगाहें 23 जून को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ ट्रिब्यूनल यह तय करेगा कि प्रोजेक्ट को वर्तमान रूट पर ही आगे बढ़ाया जाएगा या इसमें किसी बदलाव की संभावना है।
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