बच्चों को दांतों से उठाता और कीलों पर पटकता! दैवीय शक्ति का दावा करने वाला ‘भोंदू बाबा’ गिरफ्तार, रोंगटे खड़े कर देगी करतूत

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के अकोला जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. यहां एक कथित बाबा बच्चों के इलाज के नाम पर खतरनाक और अमानवीय हरकतें करता था. आरोपी बाबा बच्चों को कभी दांतों से उठाता, तो कभी कीलों पर बैठाता. यह है कि यह सब लंबे समय से चल रहा था, लेकिन सच तब सामने आया, जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.

अकोला में यह पहला मामला नहीं है. हैरानी की बात यह है कि आज भी कुछ क्षेत्रों में अंधविश्वास के सबसे बुरे रूप मौजूद हैं. अकोला जिले के मूर्तिजापुर तालुका के निम्बा गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक धोखेबाज ने इलाज के नाम पर बच्चों की जान से खिलवाड़ किया. इस मामले में हर तरफ आक्रोश फैल गया. अब आखिरकार, धोखेबाज चेतन महाराज मुले के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.

असली मुद्दा क्या है?

निंबा गांव का चेतन सुनील मुले खुद को गुलल शेष बाबा बताकर दरबार लगाता था. इस दरबार में वह बीमारियों और पारिवारिक समस्याओं को ठीक करने का दावा करता था. हालांकि, हाल ही में इस बाबा का एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हुआ है. इसमें यह फर्जी बाबा छोटे बच्चों को अपने दांतों से उठाकर इलाज के नाम पर हवा में घुमाता हुआ दिख रहा है. इतना ही नहीं, वह बच्चों को कीलों से बनी कुर्सी पर बिठाकर उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा था.

मामले का संज्ञान लेते हुए महिला एवं बाल कल्याण समिति की सदस्य प्रांजलि जायसवाल ने मूर्तिजापुर ग्रामीण पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने चेतन मुले के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 125, किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 और महाराष्ट्र जादू टोना विरोधी अधिनियम 2013 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है.

राज्य में चल रहा पाखंड का सिलसिला

अकोला में हुई यह घटना भले ही हाल की है, लेकिन राज्य के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के मामले सामने आ रहे हैं. कुछ दिन पहले ही यह खुलासा हुआ था कि अशोक खरात नाम के एक धोखेबाज ने भी इसी तरह के जघन्य कृत्यों को अंजाम देकर लोगों को ठगने की कोशिश की थी. राज्य में जादू-टोना विरोधी कानून होने के बावजूद, दसवीं कक्षा में फेल हो चुका यह धोखेबाज पिछले दस सालों से बेरोकटोक अपना धंधा चला रहा है, जो चिंता का विषय है.

चेतन महाराज मुले कौन है?

चेतन महाराज मुले अकोला के निम्बा गांव में सक्रिय था. वह दसवीं कक्षा में फेल हो चुका है. वह दरबार में नींबू फेंकता था, पहेलियां सुलझाता था और कई मामलों में अमानवीय कृत्य करता था. चौंकाने वाली बात यह है कि अकेले निम्बा गांव में ही ऐसी चार अलग-अलग दरबार सजाता था. इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरूकता और ऐसे धोखेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है.

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