Bhaum Pradosh Vrat 2025: हर माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है. ये व्रत देवों के देव महादेव को समर्पित है. इस दिन माता पार्वती के साथ महादेव का पूजन प्रदोष काल में किया जाता है. प्रदोष व्रत के दिन पूजा-अराधना का विशेष महत्व है. प्रदोष व्रत और पूजा-पाठ करने भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद मिलता है, जिससे जीवन में धन की कमी नहीं होती.
प्रदोष व्रत करने से सभी भय से मुक्ति मिल जाती है. महादेव की कृपा से सारे रुके काम पूरे हो जाते हैं. प्रदोष व्रत के दिन जो वार पड़ता है, उसके नाम से ही प्रदोष व्रत होता है. प्रदोष व्रत के दिन शिव जी और माता पार्वती की पूजा के बाद विधिपूर्वक शिव मृत्युंजय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन शिव मृत्युंजय स्तोत्र का पाठ करने से जीवन खुशहाल बना रहता है.
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