रांची: झारखंड में लंबे इंतजार के बाद अब जल्द शहरी नगर निकायों के लिए चुनाव होने की उम्मीद है. दलीय आधार पर चुनाव नहीं होने के बावजूद झारखंड की राजनीति में “ईवीएम बनाम बैलेट” की लड़ाई तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सह पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने राज्य में आगामी नगर निकाय चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट से कराने पर भारी गड़बड़ी की आशंका जताई है.
उन्होंने कहा है कि दरअसल सत्ता में शामिल दल झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद की मंशा सत्ता संरक्षित गुंडों की मदद से बूथों पर कब्जा करने की है, इसलिए ईवीएम की जगह राज्य में बैलेट पेपर से मतदान कराने का फैसला लिया गया है. वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और झारखंड विधानसभा के स्पीकर रह चुके सीपी सिंह के आरोपों को हास्यास्पद बताते हुए कांग्रेस और झामुमो के नेताओं ने भाजपा पर पलटवार किया है.
बूथ की लूट न हो, इसलिए ईवीएम पर जोर-सीपी सिंह
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सह रांची विधायक सीपी सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को यह आशंका है कि अगर राज्य में बैलेट से चुनाव हुआ तो गड़बड़ी होगी. यह डर इसलिए है क्योंकि झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस की नीयत ठीक नहीं है. ये लोग सत्ता संरक्षित गुंडों के बल पर बूथ कब्जा करना चाहते हैं. सीपी सिंह ने कहा कि इनकी मंशा और नीयत ठीक नहीं दिखती है.
हम पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव के पक्षधर- कांग्रेस
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सीपी सिंह के तीखे आरोपों का जवाब देते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश कहते हैं कि भाजपा के नेता चाहे जो भी आरोप लगाएं, लेकिन हकीकत यह है कि हम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव चाहते हैं. केशव महतो कमलेश ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव बैलेट पेपर (मतदान पत्र) से ही संभव है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा आंदोलन करने के लिए स्वतंत्र है.
हम विपक्षी दल भी केंद्र से करते रहे हैं मांग-झामुमो
बैलेट से राज्य में नगर निकाय चुनाव होने पर बूथ लूट की आशंका वाले सीपी सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि हम सभी विपक्षी दल एकजुट होकर केंद्र से ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते रहे हैं. उसे केंद्र की भाजपा सरकार क्यों नहीं मान लेती. झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि विश्व के विकसित देशों ने ईवीएम को छोड़ बैलेट से चुनाव कराना शुरू किया है तो फिर अपने यहां ईवीएम की जिद क्यों हो रही है. झामुमो नेता ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि ईवीएम की विश्वनीयता पर खुद प्रश्नचिह्न लगा हुआ है.
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