बालाघाट जिले के लामता क्षेत्र में चल रही महत्वाकांक्षी माइक्रो इरिगेशन लिफ्ट परियोजना के राघोटोला स्थित पंप हाउस में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि इसका धुंआ एक किलोमीटर दूर से ही देखा जा सकता था। इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये की पाइपलाइन, तकनीकी उपकरण और अन्य सामग्री पूरी तरह जलकर खाक हो गई है। यह परियोजना लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है, जिसका लक्ष्य 100 गांवों के किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाना है।
💸 लेनदेन का विवाद और मारपीट की चर्चा
आगजनी की इस घटना के पीछे साजिश की बू आ रही है। सूत्रों के अनुसार, घटना से ठीक पहले ग्राम सरपंच और जनपद सदस्य ने अपने साथियों के साथ पंप हाउस पहुँचकर वहां के कर्मचारियों से जमकर मारपीट की थी। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर मोटी रकम की मांग को लेकर विवाद हुआ था। आगजनी का मुख्य कारण इसी विवाद को माना जा रहा है, हालांकि पुलिस अब मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
👮 पुलिस की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी परसवाड़ा और लामता पुलिस बल दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुँचा। थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह बैस ने बताया कि फिलहाल आगजनी के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और विवेचना जारी है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस उन संदिग्धों की तलाश कर रही है जिनके नाम विवाद में सामने आए हैं।
⏳ परियोजना में देरी की आशंका
यह लिफ्ट सिंचाई परियोजना पिछले तीन वर्षों से चल रही है और किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंप हाउस के जलने से न केवल सरकारी संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है, बल्कि इस घटना के कारण परियोजना के समय पर पूरा होने और खेतों तक पानी पहुँचने की उम्मीदों पर भी संकट के बादल छा गए हैं। अब इस हादसे के चलते परियोजना के शुभारंभ में और देरी होने की संभावना है।
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