चंडीगढ़, : “मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के तहत पंजाब की बहुचर्चित ‘सेहत क्रांति’ पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में एक आम परिवार की पीड़ा यह दिखाती है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब सरकार उन्हें मुफ्त ईलाज देने में नाकाम रही है,” यह बात भारतीय जनता पार्टी पंजाब के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कही।
शर्मा ने कहा कि बड़े-बड़े दावों और विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है। “एक परिवार के पास वैध हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड होने के बावजूद मेडिकल आपात स्थिति में उन्हें कोई आर्थिक राहत नहीं मिली। यह कार्ड महज़ एक कागज़ का टुकड़ा साबित हुआ, जिसने भारी अस्पताल बिल के सामने एक रुपया तक की मदद नहीं की,” उन्होंने कहा।
शर्मा ने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना की सफलता का जिक्र करते हुए तीखा अंतर बताया। “जहां आयुष्मान भारत योजना बिना किसी भेदभाव के करोड़ों नागरिकों को मुफ्त और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करती है, वहीं पंजाब का मॉडल खोखला और भ्रामक साबित हुआ है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने राज्य सरकार पर जनकल्याण की बजाय राजनीतिक प्रचार को प्राथमिकता देने का आरोप भी लगाया। “सच्चाई यह है कि भगवंत मान पंजाब के लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा से ज्यादा अपनी राजनीतिक छवि चमकाने में लगे हुए हैं। जब नागरिक परेशान हों, तब शासन केवल विज्ञापनों के सहारे नहीं चल सकता।
जवाबदेही की मांग करते हुए शर्मा ने राज्य सरकार से पूछा कि ऐसी योजनाएं जमीनी स्तर पर क्यों विफल हो रही हैं और हर नागरिक को वास्तविक स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।
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