Anil Vij Style: कर्मचारियों के प्रदर्शन स्थल पर खुद ज्ञापन लेने पहुंचे ऊर्जा मंत्री अनिल विज; हैरान रह गए हजारों बिजली कर्मी

हरियाणा

चंडीगढ़: अपने बेहद बेबाक, अनूठे और जनप्रिय अंदाज के लिए देश भर में प्रसिद्ध हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर कुछ ऐसा किया कि हर कोई हैरान रह गया। अंबाला छावनी में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर से एकत्रित हुए ‘ऑल हरियाणा पॉवर कारपोरेशन वर्कर यूनियन’ के हजारों सदस्यों के बीच ऊर्जा मंत्री अचानक उनके प्रदर्शन स्थल पर ही पहुंच गए। दरअसल, यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए मंत्री अनिल विज के आवास (कोठी) पर जाने का समय तय किया था, मगर अपनी कार्यशैली के अनुरूप मंत्री अनिल विज ज्ञापन लेने के लिए स्वयं हजारों आक्रोशित कर्मचारियों के बीच धरना स्थल पर पहुंच गए। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचते ही ऊर्जा मंत्री अनिल विज हजारों बिजली कर्मचारियों की भीड़ के बीच से होते हुए सीधे मुख्य मंच पर जा पहुंचे, जहां उन्होंने यूनियन पदाधिकारियों से सीधे संवाद कर उनका मांग पत्र (ज्ञापन) लिया।

💼 एक्स-ग्रेशिया नीति में सुधार और कच्चे कर्मियों को रेगुलर करने की प्रक्रिया शुरू: ऊर्जा मंत्री ने बिजली कर्मचारियों को दिया बड़ा भरोसा

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मंच से गरजते हुए कर्मचारियों को संबोधित किया और कहा कि उनके दफ्तर और घर के दरवाजे हमेशा बिजली कर्मचारियों की जायज समस्याओं के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि यूनियन नेताओं ने उनके समक्ष कुछ बेहद महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं, जिनमें मुख्य रूप से ‘एक्स-ग्रेशिया’ (Ex-Gratia Policy) की मांग शामिल है। कुछ कर्मचारियों की असामयिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को पांच वर्ष की अनिवार्य सेवा शर्त के कारण एक्स-ग्रेशिया का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मंत्री विज ने आश्वासन दिया कि वह व्यक्तिगत रूप से कोशिश करेंगे कि नियमों में बदलाव कर इस शर्त को पांच वर्ष से घटाकर दो वर्ष किया जाए।

इसके साथ ही, उन्होंने यूनियन की दूसरी सबसे बड़ी मांग यानी कच्चे (अनुबंध) कर्मचारियों को रेगुलर (नियमित) करने पर कहा कि, “इस मांग से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया को मैंने विभाग में शुरू करवा दिया है और सरकारी पोर्टल पर ऐसे सभी पात्र कर्मचारियों के नाम चढ़ाए जा रहे हैं।”

⚡ जोखिम भत्ते (Risk Allowance) और सुरक्षा औजारों पर बनी पूर्ण सहमति: अधिकारियों और यूनियन की जल्द होगी साझा बैठक

बिजली विभाग के तकनीकी कर्मचारियों को मिलने वाले रिस्क अलाउंस (जोखिम भत्ता) की मांग पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पूरी संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि, “इस मांग पर मैं पूरी तरह से आपसे सहमत हूँ। बिजली विभाग के कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम करते हैं, इसलिए आपके हक के लिए आपके साथ मिलकर मैं भी सरकार से रिस्क अलाउंस दिलाने के लिए पूरा जोर लगाऊंगा।” ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली कर्मियों को आश्वस्त करते हुए साफ कहा कि वह फील्ड में काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के सुरक्षा उपकरण और आधुनिक औजार उपलब्ध कराएंगे ताकि किसी भी हादसे को रोका जा सके। वहीं, कर्मचारियों की अन्य विभागीय मांगों पर उन्होंने घोषणा की कि बहुत जल्द ही वह वर्कर यूनियन के शीर्ष नेताओं और बिजली निगमों के आला अधिकारियों की एक साझा समीक्षा बैठक (Joint Meeting) करवाकर सभी समस्याओं का ऑन-स्पॉट समाधान निकालेंगे।

📣 मंच से गूंजा अनोखा नारा—”हर जोर जुल्म की टक्कर में… अनिल विज तुम्हारा है”: तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा पंडाल

यूनियन के हजारों सदस्यों को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों के भीतर एक नया जोश भर दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कर्मचारियों से कहा कि, “आप लोग जो पारंपरिक नारा लगा रहे हैं कि ‘हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है’, आज से उसमें एक नई पंक्ति और सम्मान से जोड़ लें कि—’हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है, अनिल विज तुम्हारा है’।” ऊर्जा मंत्री द्वारा अपने चिरपरिचित अंदाज में यह पंक्तियां बोलते ही पूरा प्रदर्शन स्थल और पंडाल हजारों कर्मचारियों की तालियों और गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कर्मचारियों ने मंत्री विज के इस दोस्ताना और सुरक्षात्मक रवैये की जमकर सराहना की और कहा कि इतिहास में पहली बार कोई कैबिनेट मंत्री खुद चलकर उनके हक के लिए मंच तक आया है।

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