चंडीगढ़,20 नवंबर 2025:
पंजाब — कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) नॉर्दर्न रीजन की अमृतसर में आयोजित क्षेत्रीय परिषद बैठक में पंजाब सरकार ने अपने दूरदर्शी औद्योगिक सुधार एजेंडा, सेक्टर-विशिष्ट नीतिगत पहलें और बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिनका उद्देश्य राज्य में निवेश गति को और बढ़ाना है।
CII नॉर्दर्न रीजन की चेयरपर्सन श्रीमती अंजलि सिंह ने मंत्री संजीव अरोड़ा का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब तेजी से उच्च-गुणवत्ता वाले निवेश का पसंदीदा केंद्र बन रहा है। उन्होंने अमृतसर से शुरू होते हुए पंजाब के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में SUJAN के ₹150 करोड़ निवेश को राज्य में बेहतर होते निवेश माहौल पर मजबूत मुहर बताया।
उन्होंने कहा, “यह बड़ा निवेश पंजाब के प्रीमियम पर्यटन क्षेत्र को सशक्त करता है और राज्य की आर्थिक पुनर्जीवन प्रक्रिया में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। सरकार के प्रगतिशील कदमों और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ सुधारों के साथ पर्यटन आधारित निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।”
श्रीमती सिंह ने सरकार को सुझाव दिया कि उपलब्ध भूमि-बैंकों का सक्रिय रूप से प्रचार किया जाए, कृषि व नाशवां उत्पादों के लिए कोल्ड-चेन अवसंरचना विकसित की जाए, पर्यटन बढ़ाने के लिए विरासत स्थलों की पहचान की जाए और पंजाब को राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए राज्य ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने पर भी विचार किया जाए।
परिषद को संबोधित करते हुए उद्योग, वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और एनआरआई मामलों के मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि सरकार एक मजबूत, उत्तरदायी और भविष्य-केंद्रित औद्योगिक वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “पंजाब स्पष्ट और सुधार-उन्मुख रोडमैप के साथ आगे बढ़ रहा है। हमने 24 सेक्टोरल समितियाँ गठित की हैं और एक मास्टर इंडस्ट्रियल पॉलिसी—हर प्रमुख सेक्टर के लिए समर्पित नीतियों के साथ—जल्द ही जारी की जाएगी, जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक स्पष्टता मिलेगी।”
मंत्री ने बताया कि पंजाब 2035 तक की ऊर्जा आवश्यकताओं पर आधारित दीर्घकालिक पावर प्लान तैयार कर रहा है, जिसमें थर्मल व अक्षय ऊर्जा का संभावित मिश्रण शामिल होगा।
औद्योगिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए, उन्होंने बताया कि मोहाली और लुधियाना में दो नए प्रदर्शनी केंद्रों के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है और टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अमृतसर में तीसरे प्रदर्शनी केंद्र की योजना भी बन रही है, जिसके लिए भूमि की पहचान जारी है।
‘राइट टू बिज़नेस’ क़ानून के तहत किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि ग्रीन श्रेणी और कई ऑरेंज श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को मात्र पाँच दिनों के भीतर अनुमतियाँ मिल जाएँगी।
लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पंजाब में वर्तमान में 10 ICDs, दो फ्रेट कंटेनर स्टेशन, दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और चालू अदमपुर हवाई अड्डा मौजूद है। आने वाला हलवारा हवाई अड्डा राज्य की लॉजिस्टिक क्षमताओं को और मजबूत करेगा।
बैठक उद्योग और सरकार दोनों की सकारात्मक भावना के साथ समाप्त हुई, जिसमें पंजाब की विकास यात्रा, बढ़ती निवेश आकर्षण क्षमता और पर्यटन-आधारित विकास की संभावनाएँ—SUJAN की महत्त्वपूर्ण निवेश प्रतिबद्धता से और मज़बूत—प्रमुख रूप से उभरकर सामने आईं।
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