उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में दिलदारनगर गांव है. यहां साल 2023 में रमजान के महीने में अमजद खान की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस बहुचर्चित हत्याकांड में जिला जज ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही हर दोषी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
यह मामला दिलदारनगर गांव से जुड़ा है. मृतक अमजद खान की पत्नी शहनाज अख्तर, जो भांवरकोल थाना क्षेत्र के फखनपुरा गांव की रहने वाली हैं, उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की थी. घटना के बाद उन्होंने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या की तहरीर दी थी. शिकायत के आधार पर दिलदारनगर पुलिस ने नौशाद खान, इरफान खान, ऐनुद्दीन खान और मेहरुन्निसा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई.
8 अप्रैल 2023 की घटना…
8 अप्रैल 2023 को तड़के करीब 4 बजे की घटना थी. रमजान का महीना होने के कारण अमजद खान सहरी के लिए उठे थे. उसी दौरान धारदार हथियार से उनका गला रेतकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि यह वारदात उनके पिता ऐनुद्दीन, भाइयों नौशाद और इरफान तथा भाभी मेहरुन्निसा ने मिलकर अंजाम दी. घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे. उस समय शहनाज अपने मायके गई हुई थीं और उन्हें इस घटना की जानकारी गांव वालों के जरिए मिली. सूचना मिलते ही वह ससुराल पहुंचीं और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई.
सात गवाहों ने अदालत में गवाही दी
शहनाज ने यह भी बताया कि अमजद खान को पहले से ही अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा था और उन्होंने अपनी पत्नी को इस बारे में आगाह भी किया था. सुनवाई के दौरान कुल सात गवाहों ने अदालत में गवाही दी और अभियोजन पक्ष के कथन का समर्थन किया.
बचाव पक्ष की ओर से इस घटना को आत्महत्या बताने की कोशिश की गई, लेकिन अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया. जिला जज धर्मेंद्र पांडे ने इसे क्रूरतापूर्ण हत्या करार दिया, विशेष रूप से इसलिए कि हत्या के आरोप परिवार के ही सदस्यों पिता, भाई और भाभी पर साबित हुए. अदालत ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
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