चंडीगढ़ (हरियाणा): देश के विभिन्न राज्यों में स्वाइन फ्लू (Swine Flu) के मामलों में वृद्धि को देखते हुए हरियाणा सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के विशेष निर्देश पर प्रदेश भर के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में फ्लू की रोकथाम व उपचार से संबंधित तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य संक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही पहचान कर उसे फैलने से रोकना है।
🧪 5% फ्लू और गंभीर सांस रोगियों की होगी अनिवार्य जांच, पर्याप्त दवाओं के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की कार्ययोजना और दिशा-निर्देश:
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अनिवार्य जांच का दायरा: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ओपीडी में आने वाले फ्लू जैसे सामान्य लक्षण वाले कम से कम 5 प्रतिशत मरीजों की अनिवार्य रूप से जांच कराई जाएगी।
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गंभीर मरीजों की शत-प्रतिशत जांच: गंभीर श्वसन रोग (Severe Acute Respiratory Infections – SARI) से पीड़ित सभी मरीजों की स्वाइन फ्लू जांच अनिवार्य रूप से होगी।
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संसाधनों की उपलब्धता: अस्पतालों में जरूरी एंटी-वायरल दवाइयों, टेस्टिंग किट, एन-95 मास्क और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE किट) का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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आपातकालीन व्यवस्था: गंभीर स्थिति वाले मरीजों के त्वरित उपचार के लिए आइसोलेशन वार्ड और वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम तैयार रखने को कहा गया है।
📢 सभी जिलों के सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेजों को एडवाइजरी जारी
प्रशासनिक निगरानी और दिशा-निर्देश:
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समय पर पहचान प्राथमिकता: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य फ्लू के संदिग्ध मरीजों की समय रहते पहचान करना और संक्रमण की चेन को तोड़ना है।
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अधिकारियों को निर्देश: राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जनों और राजकीय मेडिकल कॉलेजों के निदेशकों को आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर व्यापक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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