महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार की विमान हादसे में मौत को लेकर चल रही जांच पर सीआईडी ने बड़ा बयान दिया है. अपर पुलिस महानिदेशक (CID) सुनील रामानंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह दुर्घटना थी या घातपात (साजिश), इसकी हर एंगल से जांच की जा रही है. उन्होंने साफ कहा है, अगर जांच में हत्या, लापरवाहीपूर्ण कृत्य (Rash Act) या किसी प्रकार का आपराधिक कृत्य सामने आता है तो CID विधिवत एफआईआर दर्ज कर अभियोजन चलाएगी.
सुनील रामानंद ने बताया कि इस मामले में कई एजेंसियां जांच में शामिल हैं. विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. AAIB की रिपोर्ट मिलने के बाद उसे सीआईडी की जांच में शामिल कर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा और जरूरत पड़ने पर मामला दर्ज किया जाएगा.
इस वजह से डेटा हार्वेस्टिंग में समय लग रहा
उन्होंने कहा कि मल्टीपल एजेंसियों की भागीदारी के कारण डेटा हार्वेस्टिंग और तकनीकी विश्लेषण में समय लग रहा है. हालांकि, जांच बहुत तेजी से जारी है. हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. CID अधिकारी के अनुसार, कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं, जिनमें विमान का ब्लैक बॉक्स भी शामिल है. इन सभी तकनीकी पहलुओं का गहन विश्लेषण किया जा रहा है.
जांच निष्पक्ष और व्यापक तरीके से की जा रही
उन्होंने कहा कि अब तक जो साक्ष्य सामने आए हैं, उनके आधार पर तत्काल कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता. आगे की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी. सीआईडी ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष और व्यापक तरीके से की जा रही है तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
रोहित पवार ने लगाए क्या-क्या आरोप?
इस मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने आपराधिक जांच की मांग को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा है कि दुर्घटना के 25 दिन बाद भी आपराधिक पहलू की जांच नहीं की जा रही है. पुलिस एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल कर रही है. रोहित ने दावा किया कि एरो नामक कंपनी के एक अधिकारी ने उड़ान से पहले मौसम अनुकूल होने की जानकारी दी थी. जिस समूह में यह चर्चा हुई, उस समूह के अधिकारियों पर भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए.
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