हाल फिलहाल के वर्षो में ऐसा देखा गया है कि कई ऐसे मामले हुए हैं जिनमें बिना कारण मौत के शिकार लोगों के पार्थिव शरीर पहचान में नहीं आते हैं. इन पार्थिव शरीर को कैसे बेहतर तरीके से पुनर्निर्माण कर परिजनों को सौंपा जाए इसके लिए ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) नई दिल्ली ने एक प्रोटोकॉल तैयार कर रहा है. वहीं देश में नेशनल मॉर्चरी बनाने पर भी विचार चल रहा है.
एम्स के फॉरेंसिक साइंस के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि हमने एक प्रोटोकॉल तैयार किया है जिनमें इस बात को ध्यान में रखा है कि मरने के बाद किसी भी व्यक्ति के पार्थिव शव को उसके परिजनों को बेहतर हालात में कैसे सौंपा जाए. इसके लिए तकनीकी रूप से प्लान किया जाए.
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