उत्तर प्रदेश के आगरा में 7 साल की मासूम प्रज्ञा के अपहरण के बाद उसकी हत्या ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है. घर के बाहर से लापता हुई बच्ची का शव करीब 24 घंटे बाद बरामद हुआ, जिसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित भीड़ ने आगरा के फतेहाबाद रोड पर जमकर हंगामा और उपद्रव किया.
आटे के ड्रम में मिला बच्ची का शव
अगले दिन बुधवार को जब बच्ची की तलाश जारी थी, तब उसी मकान की पहली मंजिल पर रहने वाले एक किरायेदार के कमरे से बच्ची का शव मिला. शव को एक बोरे में डाल कर आटे के ड्रम के छिपाया गया था. यह दृश्य देखकर परिजन और स्थानीय लोग सन्न रह गए. घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया.
मासूम की मौत की खबर मिलते ही सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए. गुस्साए लोगों ने आगरा के फतेहाबाद रोड पर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई. भीड़ ने पथराव किया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की. हालात बिगड़ते देख पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स और वरिष्ठ अधिकारी तैनात किए गए हैं, ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके.
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते सक्रियता दिखाई होती और इलाके की घेराबंदी की होती, तो शायद बच्ची की जान बचाई जा सकती थी. लोगों का कहना है कि अपहरण जैसी संवेदनशील सूचना के बावजूद पुलिस की लापरवाही इस दुखद घटना की एक बड़ी वजह बन गई.
क्या बोले अधिकारी?
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है. डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के मुताबिक, जांच के दायरे में एक पड़ोसी युवक भी है, जिससे पूछताछ की जा सकती है. पुलिस अपहरण, आपसी रंजिश और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है. फिलहाल, पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है.
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