दतिया उपचुनाव में करारी हार के बाद बीजेपी का कड़ा एक्शन, जिलाध्यक्ष सहित पूरा जिला संगठन तत्काल प्रभाव से भंग

मध्य प्रदेश

दतिया/भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली करारी शिकस्त के उपरांत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के केंद्रीय व राज्य नेतृत्व ने संगठनात्मक स्तर पर अत्यंत कड़ा कदम उठाया है।

पार्टी ने दतिया जिला संगठन को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के अंतर्गत बीजेपी जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह सहित संपूर्ण जिला कार्यकारिणी, मंडल समितियों, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभिन्न विभागों की सभी आधिकारिक इकाइयों को भंग कर दिया गया है। अब दतिया में पार्टी संगठन का पुनर्गठन पूर्णतः नए सिरे से किया जाएगा।

📋 प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई

बीजेपी के वरिष्ठ नेतृत्व ने यह कठोर निर्णय उपचुनाव परिणामों की विस्तृत समीक्षा करने के उपरांत लिया है।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देशानुसार गठित की गई विशेष जांच समिति की गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई। पार्टी का मानना है कि दतिया में संगठन को पुनः गतिशील एवं सुदृढ़ बनाने तथा भावी राजनीतिक चुनौतियों के दृष्टिगत जिला ढांचे में समूल परिवर्तन करना अत्यंत अनिवार्य हो गया था।

🏛️ भोपाल में सीएम मोहन यादव के आवास पर हुई मैराथन बैठक, भीतरघात की शिकायतों पर हुआ मंथन

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शासकीय आवास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, चुनाव प्रभारी, वरिष्ठ मंत्रीगण तथा संगठन के शीर्ष पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान दतिया में मिली पराजय के मूल कारणों, संगठनात्मक शिथिलता, स्थानीय चुनावी रणनीति की विफलताओं और भीतरघात (Cross-Voting/Internal Sabotage) से जुड़ी गंभीर शिकायतों पर विस्तृत मंथन किया गया, जिसके बाद जिला ढांचे को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

🗳️ कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,056 वोटों से पराजित किया

उल्लेखनीय है कि दतिया विधानसभा सीट के लिए 30 जुलाई को मतदान हुआ था, जिसके परिणाम घोषित किए गए।

मतगणना के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और अंततः बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,056 मतों के अंतर से पराजित कर यह सीट कांग्रेस के पास ही बरकरार रखी। यह सीट पूर्व में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता निरस्त होने के उपरांत रिक्त हुई थी। इस विजय से जहां कांग्रेस खेमे में भारी उत्साह है, वहीं बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।

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