छिन्दवाड़ा : श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति और सांसद बन्टी विवेक साहू के परिवार द्वारा चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर को और खास बनाया जा रहा है. श्री रामेश्वर धाम सिहोरामाल में 19 मार्च से 26 मार्च तक 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है. इस दिव्य और पुण्य आयोजन में 19 मार्च से प्रतिदिन सैकड़ों यजमान 1008 यज्ञकुण्डों में आहुतियां अर्पित करेंगे. 18 मार्च को दोपहर में रामेश्वर धाम सिहोरामाल से विशाल कलश यात्रा के साथ ही 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ हो गया है.
छिन्दवाड़ा के इतिहास में रामेश्वर धाम सिहोरामाल में पहली बार होने जा रहे इस 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ की कलश यात्रा में सांसद बंटी विवेक साहू व साहू परिवार और बड़ी संख्या में श्रद्वालूजन शामिल हुए.
देश के कोने-कोने से पहुंचे संत महात्मा
श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि गुजरात कोहना से पधारे महंत सीताराम बापू जी, ओमकारेश्वर से पधारे महंत मंगलदास त्यागी जी, आनंद धाम राजना से पधारे संत विवेक जी महाराज और आचार्य पं. अरूण शर्मा शास्त्री जी व अन्य पुजारियों की प्रमुख उपस्थिति में 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ में 19 मार्च से 26 मार्च तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से श्री शिव अभिषेक, दोपहर 1ः30 बजे से देवी सहस्त्रार्चन व दोपहर 3 बजे से 1008 कुंडों में आहुतियां डाली जाएंगी.
यजमान और सेवादारों को जारी हुए आईकार्ड
महायज्ञ की गरिमा को बनाए रखने के लिए सिर्फ यजमानों और सेवादारों को ही आईकार्ड. वितरित किए गए हैं. बाकी सभी दर्शनार्थियों को सहस्त्र चण्डीय महायज्ञ स्थल पर बिना आईकार्ड के ही प्रवेश दिया जाएगा. यज्ञस्थल के पास ही आमजनों और श्रद्धालुओं के लिए आहुतियां अर्पित करने के लिए अलग से यज्ञकुण्ड बनाया गया है, जहां पर सभी आहुतियां अर्पित कर सकते है.
सनातन धर्म में सहस्त्र चंडी महायज्ञ का है विशेष महत्व
पंडित अरुण शर्मा शास्त्री ने बताया, ”सहस्त्र चंडी महायज्ञ को सनातन धर्म में बेहद शक्तिशाली वर्णित किया गया है. इस महायज्ञ से बिगड़े हुए ग्रहों की स्थति, जीवन में आने वाले अनेक संकटों, पारिवारिक बाधा, व्यक्तिगत बाधा, स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ जीवन में समस्त को साधने और आशीर्वाद पाने के लिए जाना जाता है. जीवन में परमात्मा का साथ ही और पुण्य ही जीवन को सफल बनाता है और सहस्र चंडी महायज्ञ पुण्यों की संज्ञा में महापुण्य का नाम है. पुराणों में इसकी महिमा के बारे में यहां तक बताया गया है कि सहस्त्र चंडी महायज्ञ को गणेश जी, शिवजी, नव ग्रह और नव दुर्गा (देवी) को समर्पित करने से मनुष्य का जीवन धन्य होता है. ऐसा कहा जाता है कि सहस्त्र चंडी होम के साक्षी बनने के लिए भी व्यक्ति को वर्तमान और पूर्व जन्मों में महान कर्म करने चाहिए.”
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