जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल महीने में हुए आतंकी हमले को कोई नहीं भूल पाया है. भारतीय सेना ने इस हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के जरिए एक साथ कई आतंकियों को ठिकाने लगाया था. हालांकि आतंकी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि खुफिया सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि आतंकी फिर से कश्मीर में पहलगाम जैसा हमला करने की फिराक में हैं. इस जानकारी के सामने आने के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गए हैं.
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर के बाद कश्मीर में आतंकी घुसपैठ, ड्रोन से नजर रखना और सीमा पार से रसद की आपूर्ति में बढ़ोतरी हुई है. लश्कर और जैश की कई यूनिट Loc के रास्ते जम्मू-कश्मीर में घुसी हैं. जिन्हें पाकिस्तान की ISI और एसएसजी से मदद मिल रही है.
आतंकी शमशेर की यूनिट एक्टिव
आतंकी शमशेर लश्कर की एक यूनिट ने कथित तौर पर हवाई निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया है, जिससे आने वाले हफ्तों में संभावित फिदायीन हमलों या हथियार गिराने के संकेतों का पता चला है. पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT), जिसमें पूर्व SSG सैनिक और आतंकवादी शामिल हैं. इनको पूरे पाक अधिकृत कश्मीर में फिर से तैनात किया गया है, जो सीमा पार हमलों की नई योजनाओं का बनाने का सीधा संदेश है.
आतंकियों की हुई थी बड़ी बैठक
अक्टूबर 2025 में Pok में हुई हाईलेवल मीटिंग में जमात-ए-इस्लामी, हिज़्बुल मुजाहिदीन और आईएसआई के अधिकारी एकजुट हुए थे. जहां स्लीपर सेल को एक बार फिर एक्टिव करने, पूर्व कमांडरों को पैसा मुहैया कराने और ऑपरेशन सिंदूर में हुए नुकसान का बदला लेने के लिए “जवाबी हमले” करने की योजनाएं बनाई गईं. यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद सबसे बड़ी एक्टिविटी है. यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियों को एक्टिव मोड पर रखा गया है. ऑपरेशन सिंदूर में तबाह होने के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है.
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