भाजपा की झारखंड इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू ने बीते शुक्रवार को दावा किया कि हेमंत सरकार ने ‘हार के डर’ से घोषणा की है कि नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने यह बयान यहां एक संगठनात्मक बैठक में दिया, जिसका उद्देश्य राज्य भर में 48 नगर निकायों के आगामी चुनावों की तैयारियों पर चर्चा करना था।
“राज्य के नगर निकाय क्षेत्रों में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा”
साहू ने कहा, ”हेमंत सरकार ने हार के डर से घोषणा की है कि चुनाव दलीय आधार पर नहीं कराए जाएंगे। मतपत्र के जरिए चुनाव कराने की घोषणा के साथ-साथ राज्य सरकार ने प्रशासनिक रूप से चुनावों को प्रभावित करने की साजिश रची है। हमें इस साजिश को नाकाम करना होगा।” उन्होंने कहा कि राज्य में आगामी नगर निकाय चुनाव का श्रेय अदालत की सख्ती और इस मुद्दे पर सड़क से लेकर विधानसभा तक के भाजपा के निरंतर आंदोलन को जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य के नगर निकाय क्षेत्रों में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। साहू ने कहा कि प्रशासनिक तंत्र का दबदबा कायम है और जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। साहू ने कहा कि ऐसी स्थिति में आगामी नगर निकाय चुनावों में राष्ट्रवादी सोच वाले, सेवाभावी और जन कल्याण के प्रति समर्पित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प लेना आवश्यक है।
“राज्य में ‘शून्य विकास’ की स्थिति है”
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में ‘शून्य विकास’ की स्थिति है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों में तुष्टीकरण में विश्वास न रखने वाले, विकास के प्रति समर्पित सोच रखने वाले और राज्य के नगर निकाय क्षेत्रों को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करना आवश्यक है। निकाय चुनावों की तैयारियों पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेपीपीसी) के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि सभी पार्टियां अपने-अपने तरीके से तैयारियां कर रही हैं। ठाकुर ने कहा, ”हमने जिला कांग्रेस समितियों (डीसीसी) को उन उम्मीदवारों के नाम भेजने का निर्देश दिया था जो चुनाव मजबूती से लड़ेंगे। अब वे सभी नाम हमें मिल चुके हैं।”
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