रोहतक: एडीजीपी वाई पूरण कुमार के गनमैन रहे हवलदार सुशील कुमार दो माह दो दिन बाद सोमवार दोपहर कोर्ट से जमानत आदेश जारी होने के बाद अंबाला जेल से बाहर आ गया। छह दिसंबर को एएसजे कपिल राठी की अदालत ने उसकी जमानत मंजूर कर ली थी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल ने शिकायत दी थी कि हवलदार सुशील कुमार ने को उससे ढाई लाख रुपये मंथली मांगी। इसके लिए पुलिस शिकायतकर्ता ने वीडियो व ऑडियो फुटेज दी थी।
अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने एडीजीपी वाई पूरण कुमार के सुरक्षाकर्मी रहे हवलदार सुशील कुमार को छह अक्तूबर को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत के चलतेसुनारिया जेल भेजा था जहां से अंबाला जेल ट्रांसफर कर दिया गया क्योंकि उसकी पत्नी ने शिकायत दी थी कि सुशील कुमार को रोहतक की सुनारिया जेल में खतरा है।
मामले की जांच कर रही एसआईटी को दो माह में 5 दिसंबर तक चार्जशीट दाखिल करनी थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अदालत ने समय पर चार्जशीट न होने का लाभ देते हुए आरोपी को जमानत दे दी।
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