बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा, मौत से दहशत

मध्य प्रदेश

बालाघाट (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले अंतर्गत विश्व प्रसिद्ध कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बफर जोन से लगे बैहर क्षेत्र के ग्राम पर्रापुर बैगाटोला में रविवार तड़के एक अत्यंत दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।

घर के भीतर अपने परिवार के साथ सो रही 45 वर्षीय महिला को एक खूंखार बाघ ने घर के अंदर घुसकर अपना शिकार बना लिया। गंभीर रूप से घायल महिला को परिजन रात्रि में ही अस्पताल लेकर पहुंचे, किंतु डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे के उपरांत संपूर्ण ग्रामीण अंचल में भारी दहशत व्याप्त है और ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को अविलंब पकड़ने की गुहार लगाई है।

🐅 दरवाजे विहीन घर में सोते समय बोला हमला, मुंह में दबाकर बाहर खींच ले जा रहा था बाघ

प्राप्त विवरण के अनुसार, ग्राम पर्रापुर बैगाटोला निवासी सुगनी बाई धुर्वे (45 वर्ष), अपने पति बुधराम धुर्वे व परिजनों के साथ शनिवार रात भोजन के पश्चात मकान में सो रही थीं।

रात लगभग डेढ़ बजे जंगल से रास्ता भटककर एक आदमखोर बाघ उनके घर के भीतर आ घुसा। बताया जा रहा है कि मुख्य प्रवेश द्वार पर दरवाजा नहीं लगा हुआ था, जिसका सीधा फायदा उठाकर बाघ कमरे तक पहुंच गया। सोते समय ही उसने सुगनी बाई के सिर पर जानलेवा हमला कर दिया और उन्हें मुंह में दबाकर घर से बाहर जंगल की तरफ ले जाने लगा।

🗣️ ग्रामीणों के शोर और चीख-पुकार से घबराया बाघ, दलदली क्षेत्र में महिला को छोड़ भागा

घर में साथ सो रही महिला दसौंधी ने बताया कि अचानक हुए इस अप्रत्याशित हमले से पूरा परिवार घबराकर जाग उठा।

परिजनों ने तुरंत शोर मचाया, टॉर्च की रोशनी जलाकर बाघ का पीछा किया तथा आसपास के ग्रामीणों को पुकारा। बताया जा रहा है कि घर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक दलदली इलाके में बाघ का पैर फंस गया। ग्रामीणों के भारी हुजूम, चीख-पुकार और बढ़ती हलचल से घबराकर बाघ महिला को वहीं छोड़कर घने जंगल की दिशा में भाग खड़ा हुआ।

🏥 सिर पर हुए गंभीर प्रहार से मौके पर ही तोड़ा दम, अस्पताल में चिकित्सकों ने घोषित किया मृत

परिजनों ने खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल सुगनी बाई को तत्काल बैहर स्थित सिविल अस्पताल पहुंचाया।

वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की टीम ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। बीएमओ (BMO) डॉ. अनंत लिल्हारे ने बताया कि बाघ ने महिला के सिर पर बेहद घातक हमला किया था। सिर का हिस्सा पूरी तरह क्षत-विक्षत हो जाने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो चुकी थी।

🚧 एम्बुलेंस रोककर ग्रामीणों का हंगामा, 8 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी के आश्वासन पर शांत हुआ आक्रोश

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

रविवार को पोस्टमार्टम के पश्चात शव परिजनों को सौंपा गया, किंतु आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल वित्तीय सहायता की मांग को लेकर शव को एम्बुलेंस से उतारने से साफ मना कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को तुरंत 50 हजार रुपये की नकद सहायता प्रदान की जाए। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग ने मौके पर तत्काल 5 हजार रुपये की अंतरिम सहायता दी और नियमानुसार शासन की ओर से 8 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने तथा मृतका के पुत्र को संविदा/अन्य नौकरी दिलाने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।

🪤 गांव के आसपास पिंजरा लगाने की मांग, वन विभाग ने जारी की अलर्ट एडवाइजरी

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बीते एक माह से यह बाघ गांव के आसपास लगातार घूम रहा है और अब तक कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है, किंतु वन विभाग ने इसे पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।

इंसानी जान जाने के बाद ग्रामीणों ने गांव के समीप पिंजरा लगाकर बाघ को तुरंत रेस्क्यू करने की मांग की है। उधर, बफर जोन के एसडीओ (SDO) सुनील पंद्रे ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय घरों के किवाड़ बंद रखें, बच्चों व बुजुर्गों को अकेले बाहर न निकलने दें तथा जंगल की सीमा में प्रवेश करने से बचें।

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