श्योपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से विद्यालय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। रघुनाथपुर स्थित शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय के दो कमरों की छत 15 अगस्त की शाम अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि यह घटना स्वतंत्रता दिवस के उपरांत शाम के समय घटी, जिस वक्त विद्यालय परिसर पूरी तरह खाली था और कोई भी छात्रा या शिक्षक वहां मौजूद नहीं था। यदि यह घटना स्कूल संचालन या सुबह के कार्यक्रम के दौरान होती, तो एक बड़ा जानलेवा हादसा घटित हो सकता था।
📹 15 अगस्त की शाम हुआ हादसा, सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो
घटना से जुड़ा वीडियो रविवार की देर शाम सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें विद्यालय के दोनों कमरों का मलबा और गिरी हुई छत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
जानकारी के अनुसार, जिन दो कमरों की छत गिरी है, उन्हें शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व में ही ‘क्षतिग्रस्त’ घोषित किया जा चुका था और इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी गई थी। एहतियात के तौर पर इन जर्जर कमरों पर ताला लगा दिया गया था। हालांकि, इन्हीं जर्जर कमरों से सटे अन्य कमरों में छात्राओं की नियमित कक्षाएं संचालित हो रही थीं, जिससे अब अभिभावकों में भारी चिंता व्याप्त है।
🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद घटी घटना, बाल-बाल बचे बच्चे और शिक्षक
उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुबह विद्यालय प्रांगण में ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
उस दौरान बड़ी संख्या में छात्राएं, शिक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम के शांतिपूर्ण समापन के बाद शाम करीब 6 बजे अचानक यह जर्जर छत ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि यह हादसा कार्यक्रम के दौरान होता तो जनहानि की गंभीर स्थिति बन सकती थी।
⚠️ जर्जर भवनों की सुरक्षा पर उठे सवाल, अभिभावकों ने की जांच की मांग
स्थानीय ग्रामीण रामरूप सहित अन्य अभिभावकों ने मांग की है कि परिसर के बाकी कमरों का भी तकनीकी और सुरक्षा ऑडिट कराया जाए।
अभिभावकों का कहना है कि जर्जर हिस्से से सटे कमरों में पढ़ाई कराना बच्चों की जान को जोखिम में डालने जैसा है। प्रशासन को तुरंत प्रभाव से जर्जर संरचनाओं को पूरी तरह ध्वस्त कर सुरक्षा घेरा तैयार करना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
🏛️ बीईओ का बयान: नए भवन का प्रस्ताव मंजूर, सुरक्षित कमरों में ही लगेंगी कक्षाएं
विजयपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अशोक कुमार दंडोतिया ने मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया:
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घटनास्थल का निरीक्षण: रविवार शाम सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग की टीम ने विद्यालय पहुंचकर भौतिक स्थिति का जायजा लिया।
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पूर्व घोषित जर्जर भवन: दोनों क्षतिग्रस्त कमरों को पहले ही अनुपयोगी व जर्जर घोषित किया जा चुका था।
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कक्षाओं का संचालन: वर्तमान में शेष दो सुरक्षित कमरों में ही कक्षाएं संचालित कराई जाएंगी।
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नई बिल्डिंग का निर्माण: इस कन्या प्राथमिक विद्यालय के लिए नए भवन का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है और शीघ्र ही इसका निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
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