Women Empowerment on Ram Navami: शस्त्र और शास्त्र का संगम: रामनवमी पर गुरुकुल की कन्याओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब, गूंज उठा जय श्रीराम

झारखण्ड

हजारीबाग: जिले में महिला सशक्तिकरण का अद्भुत नजारा रामनवमी के दौरान देखने को मिला. हाथ में तलवार डंडे और परंपरागत हथियार के साथ बेटियां, महिलाएं सड़क पर उतरी और एक से बढ़कर एक कर्तव्य दिखाया. आर्य समाज द्वारा संचालित आर्ष कन्या गुरुकूल की ओर से नवमी का शौर्य शोभायात्रा निकाला गया.

इस दौरान आर्य कन्या गुरुकूल की ब्रह्मचारी और ब्रह्मचारिणियों ने शानदार तलवार बाजी, लाठी और अन्य साहसिक खेलों का प्रदर्शन कर लोगों को दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर कर दिया. लाठी के साथ-साथ बालक और बालिकाओं का बैंड दस्ता भी चल रहा था. गुरुकुल के बच्चों ने इस दौरान मुख्य सड़क पर जमकर लाठियां भांजी.

जुलूस में रथ, ऊंठ घोड़े शामिल किए गए. रथ पर आर्य समाज के प्रतिनिधि सवार थे. इस आयोजन के पीछे का मकसद यही है कि समाज को यह संदेश देना कि बेटियां भी बेटों से काम नहीं है. जब बेटे रामनवमी में तलवार और लाठी भांज सकती हैं तो बेटियां भी इसे पीछे नहीं रह सकती है. गुरुकुल के आचार्य ने भी कहा कि हर बेटी को रानी लक्ष्मीबाई बनने की जरूरत है. बेटियां तैयार हो रही है कल देश की रक्षा भी करेंगे. 

आर्य कन्या गुरुकुल में पिछली एक माह से रामनवमी को लेकर तैयारी चल रही थी. गुरुकुल की छोटी-छोटी बच्चियों को परंपरागत हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था. प्रशिक्षण पूरा होने पर जब ब्रह्मचारिणियों ने सड़क पर अपना प्रदर्शन दिखाया तो सभी चकित रह गए.जुलूस में नगर निगम के मेयर अरविंद कुमार शामिल हुए. उन्होंने समस्त हजारीबाग वासियों को रामनवमी की ढेर सारी शुभकामनाएं दी है. साथ ही कहा कि गुरुकुल की बच्चियों कमाल कर दी है. हाथों में लाठी और तलवार के साथ जब वह सड़क पर शौर्य प्रदर्शन कर रही है तो ऐसा लग रहा है कि उनमें आत्मविश्वास कूट-कूट कर भरा हुआ है. उन्होंने कहा कि यह बेटियां सिर्फ तलवार ही नहीं चलाती है, जब यह वेद और उपन्यास का उच्चारण करती है तो हर एक व्यक्ति मंत्र मुक्त हो जाता है.

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