बिट्टू ने कांग्रेस-अकाली गठबंधन की राजनीति को किया बेनकाब, मान ने सत्ता के भ्रष्ट गठबंधन को तोड़ा: बलतेज पन्नू

पंजाब

चंडीगढ़, 9 फरवरी 2026

आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने सोमवार को कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं पर तीखा हमला करते हुए उन पर दशकों से सीक्रेट पावर-शेयरिंग गठबंधन चलाने का आरोप लगाया, जिसने राजनीतिक गठबंधन का दिखावा करते हुए पंजाब को लूटा।

पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पन्नू ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की एक वीडियो क्लिप चलाई, जिसमें बिट्टू खुद स्वीकार कर रहे हैं कि 2017 में उन्होंने भगवंत मान को हराने और सुखबीर बादल की जीत सुनिश्चित करने की योजना बनाई थी। पन्नू ने कहा कि इससे कांग्रेस और अकाली नेतृत्व के बीच नापाक सांठगांठ का पर्दाफाश होता है।

पन्नू ने कहा कि यह ‘आप’ का आरोप नहीं है। यह उनके अपना नेता बोल रहा है। रवनीत बिट्टू ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि कांग्रेस और अकाली दल के नेता बंद कमरों में मिलकर काम करते थे, यह तय करते थे कि कौन जीतेगा, कौन हारेगा और कौन सी सीट किसके पास जाएगी।
एक ने पांच साल लूटा, फिर दूसरे ने अगले पांच साल, आप से पहले पंजाब की राजनीति ऐसी थी

पन्नू ने आरोप लगाया कि वर्षों से पंजाब एक ‘फिक्स्ड मैच’ मॉडल पर चल रहा था- “पांच साल आप शासन करते हैं, पांच साल हम। आप हमें मत पूछो, हम आपको नहीं पूछेंगे। उन्होंने एक दूसरे को बचाया। यह शासन नहीं था, यह संगठित राजनीतिक भ्रष्टाचार था।

पन्नू ने विस्तार से बताया कि कैसे कांग्रेस और अकाली नेताओं के बीच चुनाव क्षेत्र पहले से तय थे—एक के लिए पटियाला, दूसरे के लिए लंबी, लहरागागा, सुनाम, बठिंडा, संगरूर, दोआबा, माझा, हर क्षेत्र में अकाली और कांग्रेस नेताओं के बीच अंदरूनी सौदेबाजी थी।
उन्होंने आगे कहा कि नेता बठिंडा में एक बात कहते थे, संगरूर में दूसरी, और चंडीगढ़ पहुंचते ही अपने बयान बदल देते थे। उन्हें याद भी नहीं रहता था कि उन्होंने कहां क्या कहा था।

पन्नू ने कहा कि जब संगरूर के एक गांव का आम आदमी राजनीति में आया और उनके गठबंधन का पर्दाफाश करना शुरू किया, तो पूरा सिस्टम घबरा गया। उन्होंने 2017 में भगवंत मान को हराने की कोशिश की, 2019 में फिर कोशिश की। लेकिन संगरूर को 2014 में ही सच्चाई समझ आ गई थी। जब मान साहब संगरूर से दो बार जीते, तो यह मैसेज पूरे पंजाब में गया और 2022 में लोगों ने अपना फैसला सुनाया।

पन्नू ने कहा कि 2022 में पंजाब ने पूरे पुराने सिस्टम को रिजेक्ट कर दिया, कैप्टन अमरिंदर सिंह हारे, बिक्रम मजीठिया हार गए, प्रकाश सिंह बादल हार गए, सुखबीर बादल हार गए और नवजोत सिद्धू हार गए। उन्होंने कहा कि यह कोई इत्तेफाक नहीं था। ये भ्रष्ट सिस्टम के गिरे हुए पिलर थे।

पन्नू ने कहा कि विपक्ष इसलिए परेशान है क्योंकि चार साल में पंजाब बदल गया है। 45 साल बाद नहर का पानी टेलों तक पहुंचा है, रोड सेफ्टी फोर्स (एसएसएफ) मिनटों में इमरजेंसी सहायता करती है, 16 टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं, घरों में 600 यूनिट फ्री बिजली मिल रही है, 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर है और बिना किसी डर या पक्षपात के पारदर्शी शासन चल रहा है।

वे काम की बात नहीं करते। वे सिर्फ कहते हैं ‘हमें आने दो, हम भगवंत मान को गिरफ्तार करेंगे’। पन्नू ने सवाल किया कि वे गिरफ्तार क्यों करेंगे? किसानों को पानी देने के लिए? हादसों के शिकार लोगों को बचाने के लिए? या लूटपाट रोकने के लिए?

पन्नू ने कहा कि आप के स्टैंड का सबसे बड़ा सबूत यह है कि पूर्व कांग्रेस नेता अब खुद जुर्म कबूल कर रहे हैं। रवनीत बिट्टू आज केंद्रीय मंत्री हैं। वे झूठ नहीं बोल रहे जब वे कहते हैं कि उन्हें भगवंत मान को हराने और सुखबीर बादल की मदद करने का संदेश दकर भेजा गया था। सवाल बस यह है कि उन्हें किसने भेजा?

अंत में पन्नू ने कहा कि पंजाब आज जानता है कि कौन मिलकर खेलता था और कौन लोगों के साथ खड़ा था। गुप्त समझौतों का दौर खत्म हो गया है। ईमानदार राजनीति का दौर माना शुरू हो गया है, और यही बात वे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।

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