जालंधर : पंजाब सरकार ने पंजाब वक्फ बोर्ड का चेयरमेन चुनने के लिए 13 मार्च को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ में बोर्ड की बैठक बुलाई है। बोर्ड के अध्यक्ष का निर्णय उसी दिन किया जाएगा। बैठक में पंजाब सरकार की ओर से एक सीलबंद लिफाफा खोला जाएगा, जिसमें चेयरमैन का नाम गुप्त लिखा होगा। सभी बोर्ड सदस्यों को सरकार के सीलबंद लिफाफे का समर्थन करना होगा। सरकार द्वारा चुने गए इन 10 सदस्यों में से एक को अध्यक्ष बनाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि वक्फ बोर्ड के चेयरमेन के कार्यकाल के दौरान एम.एल.ए. डॉ. जमील उर रहमान, जूता व्यवसायी मोहम्मद ओवैस और डॉ. अनवर खान का नाम चर्चा में है लेकिन विधायक को मजबूत दावेदार के तौर पर एम.एल.ए. डॉ. जमील उर रहमान व मोहम्मद ओवैस के नाम शामिल हैं। यदि पंजाब सरकार विधायक डॉ. जमील उर रहमान को कोई दूसरा मंत्रालय दिया जाता है तो मोहम्मद ओवैसी का वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनना तय है।सूत्रों का कहना है कि अगर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल की सिफारिश मान ली जाती है तो मलेरकोटला विधायक डॉ. जमील उर रहमान इसके अध्यक्ष होंगे। अगर पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संदीप कुमार पाठक की सिफारिश मान ली जाती है तो जूतों के कारोबारी मोहम्मद ओवैस चेयरमेन होंगे। या फिर अगर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह सहमत हो जाते हैं तो डॉ. अनवर खान वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष बन सकते हैं। इस समय कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। हर कोई अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी कर रहा है, जिसका फैसला 13 मार्च को होगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि पंजाब वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष का फैसला दिल्ली से होगा।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad