कहां से गायब हुए बिरहोर बच्चे
दरअसल, 1 फरवरी को गांव के करीब 70 लोग परसाबाद के एक श्राद्ध भोज में शामिल हुए थे, जहां से सभी बड़े लोग वापस लौट आए, लेकिन 10 बच्चे घर नहीं लौटे. इस मामले में 6 फरवरी को जयनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह के नेतृत्व में बच्चों की खोजबीन को लेकर आठ विशेष टीमों का गठन किया गया, जिसमें 3 डीएसपी, 3 इंस्पेक्टर, 8 सब इंस्पेक्टर, सशस्त्र बल और तकनीकी शाखा के जवानों को शामिल किया गया.
कैसे बरामद हुए लापता बच्चे
पुलिस द्वारा गठित टीमों ने गयाजी, आसनसोल, रांची रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हाट-बाजार और होटल-ढाबों में सघन खोजबीन करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. साथ ही सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया. इसके अलावा GRP, RPF, CWC व विभिन्न राज्यों के एनजीओ से लगातार संपर्क बनाए रखा.
इसी दौरान कोडरमा पुलिस को यह सूचना मिली कि कुछ बच्चे गयाजी (बिहार) में मिले हैं, जिसके बाद कोडरमा पुलिस की टीम गयाजी बाल गृह पहुंची और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समन्वय से लापता बच्चों की पहचान कर सभी बच्चों को सुरक्षित कोडरमा ले आई. अब इन बच्चों को न्यायालय में पेश कर इनके परिजनों को सौंपा जाएगा. इधर, बच्चों के सकुशल बरामदगी से परिजनों और ग्रामीणों में खुशी और राहत का माहौल है.