दुमका : जिले में दो वर्षों से प्रशिक्षु डीएसपी के रूप में कार्यरत अमित कुमार रविदास, उनकी पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चों की जान उस वक्त बच गई जब वे दुमका शहर के मेन रोड स्थित एक फुटवियर दुकान में खरीदारी कर रहे थे. उसी वक्त दुकान के ऊपर की ढलाई के कई बड़े टुकड़े उन पर आ गिरे. डीएसपी ने अपनी पत्नी और बच्चों को बचाने के लिए उन्हें अपने शरीर से कवर किया तो कई टुकड़े उन पर आ गिरे. जिससे उन्हें चोट लगी है.
डीएसपी ने दी जानकारी
डीएसपी अमित रविदास ने फोन पर जानकारी दी कि वे अपनी बाइक से पत्नी और बच्चों (चार वर्ष की पुत्री और दो वर्ष का पुत्र) को लेकर बाजार निकले थे. रास्ते में एक फुटवियर की दुकान पर वे रुक गए. वे सामान खरीद ही रहे थे. तभी अचानक दुकान के ऊपर जो बिल्डिंग है, उसकी ढलाई के कई टुकड़े उन पर आ गिरे. ईश्वर की यह कृपा रही कि उनकी जान बच गई.
उन्होंने कहा कि मैं काफी भयभीत महसूस कर रहा हूं. डीएसपी ने कहा कि ऐसे भवन को जर्जर घोषित कर ढहाने की कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आगे भविष्य में और किसी के साथ कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए. वैसे जिस भवन का टुकड़ा गिरा उसके मालिक ने तत्काल उन टुकड़ों को मौके से हटा दिया.
दुमका में ऐसे कई हैं जर्जर भवन
हम आपको बता दें कि दुमका शहरी क्षेत्र में ऐसे कई जर्जर भवन हैं, जो दुर्घटना को निमंत्रण दे रहे हैं. ऐसे में नगर परिषद और जिला प्रशासन का यह दायित्व है कि वह विशेषज्ञों और अभियंताओं की एक टीम बनाकर ऐसे भवनों को चिन्हित करें और उस पर आवश्यक कार्रवाई करें ताकि कोई बड़ी दुर्घटना होने से बच जाए.
