इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से 23 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. इतनी मौतों के बावजूद अब भी शहर वासियों को शुद्ध जल मिल पाना मुश्किल है. लिहाजा अब कांग्रेस शहर के विभिन्न इलाकों में अपनी ऑटो वाटर टेस्टिंग लैब से पानी की जांच करके दूषित पानी की स्थिति उजागर करेगी. इतना ही नहीं मौतों के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के साथ पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपए देने की मांग को लेकर धरना दिया.
मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजे की मांग
इंदौर के भागीरथपुरा कांड को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है और इसी के तहत राजवाड़ा पर न्याय प्रदर्शन रखा गया. जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कई व्यापारी संगठनों के द्वारा भी कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया गया. इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मृतक परिवार के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की.
जीतू पटवारी ने कहा, ”पहले जब 17 मौत का आंकड़ा बताया था उस समय 30 मौत हो चुकी थी, आज 32 मौत के आंकड़े सामने आ चुके हैं. तो यहां कम से कम 50 मौत हो चुकी हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ”भाजपा 25 साल में एक गिलास पानी शुद्ध शहर के लोगों को नहीं दे पाई है. जब लोग यहां पर गंदे पानी के कारण मर रहे थे तो इंदौर के सांसद मुंबई में चुनाव प्रचार और मैच देख रहे थे. साथ ही अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के मनोनीत होने पर एक दूसरे को लड्डू खिला रहे थे.”
कांग्रेस करेगी ऑटो वाटर टेस्टिंग लैब लांच
जीतू पटवारी ने कहा, “इतने सारे लोगों की मौत क्यों हुई है? भाजपा ने किसी की भी जिम्मेदारी तय नहीं की. स्वास्थ्य मंत्री से लेकर इंदौर में रहने वाले कैबिनेट मंत्री का अभी तक इस्तीफा नहीं लिया गया है ना ही किसी जिम्मेदार व्यक्ति पर प्रकरण दर्ज हुआ है.” उन्होंने कहा है कि, ”प्रत्येक रहवासी को अपने पानी की जांच अब खुद करना चाहिए इसके लिए कांग्रेस आने वाले समय शहर के विभिन्न वार्डों में ऑटो वाटर टेस्टिंग लैब संचालित करेगी और बताएगी कि इंदौर में कहां-कहां पर गंदा पानी आ रहा है.”
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