रांचीः धुर्वा क्षेत्र से बीते 2 जनवरी से लापता मासूम भाई-बहन अंश एवं अंशिका की अब तक बरामदगी नहीं हो पाई है. जिसके चलते रांची में कथित रूप से विफल कानून-व्यवस्था के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने उग्र आंदोलन किया. भाजपा रांची महानगर एवं ग्रामीण पूर्वी–पश्चिमी जिला इकाइयों के संयुक्त आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को एसएसपी कार्यालय का घेराव किया. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौके पर मौजूद रहे.
जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहींः भाजपा
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इतने संवेदनशील मामले में रांची पुलिस की कार्यप्रणाली बेहद लापरवाही भरी रही है. घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस बच्चों के संबंध में कोई ठोस सुराग सामने नहीं ला सकी है, जिससे आम नागरिकों में भय और असंतोष बढ़ता जा रहा है. भाजपा नेताओं ने कहा कि केवल सुराग बताने वालों के लिए इनाम की राशि बढ़ाना प्रशासन की विफलता को छुपाने का प्रयास है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है.
बच्चों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी हैः भाजपा
एसएसपी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन तानाशाही वाला रवैया अपना रहा है और राज्य सरकार इस गंभीर मामले पर मौन साधे हुए है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मासूम बच्चों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इस प्रकरण में सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है.
केंद्र सरकार ने अपने तंत्र को सक्रिय किया
भाजपा नेताओं ने कहा कि बच्चों के परिजनों के साथ पार्टी की पूरी संवेदना है और जब तक अंश और अंशिका की सुरक्षित बरामदगी नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने तंत्र को सक्रिय कर दिया है और बच्चों की खोज में हर संभव सहयोग दिया जा रहा है.भाजपा नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और लापता बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया जाए. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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