सीएम हेमंत सोरेन के विदेश दौरे पर सियासत तेज, बीजेपी के सवाल पर जेएमएम ने किया पलटवार

झारखण्ड

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार का एक शिष्टमंडल दावोस और लंदन दौरे पर जा रहा है. यह पहला अवसर होगा, जब 19 से 23 जनवरी 2026 तक दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में झारखंड से ‘जोहार’ की गूंज सुनाई देगी.

इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में क्रिटिकल मिनरल्स, खनन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चर, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल और ऑटोमोबाइल, अक्षय ऊर्जा, वस्त्र निर्माण, पर्यटन और वनोत्पाद जैसे विषयों पर निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी. मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा का उद्देश्य निवेश की संभावनाओं से लबरेज झारखंड को एक प्रमुख निवेश का गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना है.

विदेश दौरे पर राजनीति तेज, बीजेपी उठा रही है सवाल

मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर सियासत शुरू हो गई है. बीजेपी ने सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि इससे पहले के विदेश दौरे का राज्य को क्या लाभ मिला, इसे पहले जनता को हिसाब देना चाहिए. बीजेपी प्रवक्ता अविनेश कुमार ने विदेश दौरे पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि राज्य की जनता ने उन्हें जिम्मेदारी दी है. लेकिन जो चीजें सामने आ रही हैं, उससे साफ लगता है कि विदेश दौरा सिर्फ एक यात्रा बनकर ना रह जाए.

बीजेपी के सवाल पर पलटवार करते हुए सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कहा है कि सवाल उठाना हास्यास्पद है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता मनोज पांडे ने बीजेपी को झारखंड विरोधी बताते हुए कहा है कि झारखंड की प्रगति पथ पर आगे बढ़ता रहे, यह उन्हें पसंद नहीं है. इसके बावजूद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य को आगे ले जाने के लिए कृतसंकल्पित हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह विदेश दौरा मील का पत्थर साबित होगा.

विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन रहेगा खास

विश्व आर्थिक मंच 2026 का विषय ‘ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग एंड अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ’ रखा गया है. जिसके अंतर्गत वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा. विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन को व्यापक रूप से सबसे प्रभावशाली वैश्विक मंचों में से एक माना जाता है. राज्य सरकार का मानना ​​है कि इस मंच पर झारखंड की उपस्थिति वैश्विक उद्योगपतियों और निर्णयकर्ताओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करने में सहायक होगी.

सरकार का कहना है कि इससे राज्य में आर्थिक विकास, भावी पीढ़ी को वैश्विक चुनौतियों को समझने एवं रोजगार सृजन को गति मिल सकती है. इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों सहित एक उच्च स्तरीय राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा. जानकारी के मुताबिक दावोस बैठक में भाग लेने वाले राज्यों में झारखंड के अतिरिक्त महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश और केरल शामिल हैं.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry