लंबे समय से लोग खाना पैक करने के लिए एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करते आए हैं. फिर चाहे स्कूल ले लिए टिफिन पैक करना हो या फिर ऑफिस का लंच. गर्म रोटी लपेटनी हो या फिर बाहर ले जाने वाला खाना….फॉयल हमेशा से ही सबसे आसान ऑप्शन रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि, एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल हमारी सेहत के साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है. पिछले कुछ समय से एल्युमिनियम फॉयल के नुकसान सामने आ रहे हैं. ऐसे में लोग एल्युमिनियम के अलटरनेटिव ढ़ूंढ रहे हैं, जिसमें एक हरा पत्ता काफी काम आ सकता है.
जी हां, वही पत्ता जिसे हमारे दादा-दादी पीढ़ियों से खाने की पैकिंग और परोसने के लिए इस्तेमाल करते थे.ये हरा पत्ता न सिर्फ खाने को नेचुरली तरीके से ढकता है, बल्कि उसमें एक अलग खुशबू और स्वाद भी जोड़ देता है. सबसे खास बात ये पूरी तरह इको-फ्रेंडली, बायोडिग्रेडेबल और सेहत के लिए सुरक्षित भी है. चलिए जानते हैं कौन सा है ये हरा पत्ता और इसके क्या हैं फायदे.
एल्युमिनियम फॉयल में खाना पैक करना क्यों है नुकसानदायक?
कई स्टडीज में पाया गया है कि जब गरम, खट्टा (जैसे नींबू, टमाटर) या मसालेदार खाना एल्युमिनियम फॉयल में रखा जाता है, तो थोड़ी मात्रा में एल्युमिनियम खाने में घुल सकता है.रिसर्च के अनुसार, ज्यादा एल्युमिनियम नर्वस सिस्टम पर असर डाल सकता है. लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में लेने से हड्डियों और दिमाग से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा इसे अल्ज़ाइमर जैसी बीमारियों से जोड़कर भी देखा गया है. कभी-कभी इसका इस्तेमाल उठना नुकसानदायक नहीं है. लेकिन रोजाना यूज करने से इन समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.
इस हरे पत्ते में पैक करें खाना
हम बात करें हैं, केले के पत्ते की. साउथ में केले के पत्ते पर खाना परोसने की परंपरा है, जो आज तक चलती आ रही है. कहा जाता है कि, केले के पत्ते में खाना खाना और पैक करना काफी फायदेमंद माना जाता है. रिसर्च के मुताबिक, केले के पत्ते पूरी तरह नेचुरल होते हैं और इनमें कोई हानिकारक रसायन (जैसे प्लास्टिक में पाए जाने वाले BPA-type केमिकल) नहीं होते. इसलिए वे खाने को केमिकल फ्री रखते हैं. इसके अलावा इसमें एंटी-माइक्रोबियल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो खाने को बैक्टीरिया से बचाते हैं.
केले के पत्ते में खाना पैक करने के फायदे
केले के पत्तों में पॉलीफेनोल्स, विटामिन A और C जैसे कुछ नैचरल कंपाउंड पाए जाते हैं, जो भोजन परोसने पर कुछ मात्रा में ट्रांसफर हो सकते हैं. केले के पत्ते में खाना खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसमें कोई केमिकल या प्लास्टिक नहीं होता, इसलिए खाना सुरक्षित रहता है. इसके अलावा गरम खाने से पत्ते के साथ कुछ पौष्टिक एंजाइम भी मिलते हैं, जो पाचन में मदद करते हैं. वहीं, ये तरीका पेट को हल्का रखता है और खाने का स्वाद भी बढ़ाता है.
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