बिहार में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले महागठबन्धन ने अपने संयुक्त घोषणापत्र से 12 आकर्षित करने वाले लोक-लुभावन वादों का चार्ट तैयार किया है, जो वो विज्ञापनों और कार्यकर्ताओं के ज़रिए घर घर पहुंचा रहे हैं. घोषणापत्र को पूरा पढ़ना और समझाना जरा मुश्किल काम है, ऐसे में वोटिंग सिर पर है तो कांग्रेस ने उसी घोषणापत्र से आसान और छोटे शब्दों में 12 घोषणाओं का चार्ट तैयार किया है.
इसके जरिये वो जनता को लुभाने और महागठबन्धन के हक में वोट पड़े इसकी कोशिश की है. कांग्रेस के इस प्लान को महागठबन्धन के सभी दलों ने सहमति भी दी है. इससे पहले कांग्रेस आलाकमान ने चुनाव प्रचार में भी अपनी पूरी ताकत झोंकी है, राहुल गांधी ने 16 रैलियां, प्रियंका गांधी ने 13 रैलियां-एक रोड शो और मल्लिकार्जुन खरगे ने 4 रैलियां-2 प्रेस कॉन्फ्रेंस चुनाव प्रचार के दौरान की.
इस चार्ट में कौन से वादे हैं शामिल?
चार्ट में महागठबंधन के 12 वादों में 200 यूनिट फ्री बिजली, 500 रुपये में गैस सिलेंडर, 25 लाख तक फ्री इलाज, वृद्धजनों को 1500 तक का पेंशन, दिव्यांगो को 3 हजार तक का पेंशन,महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये,महिलाओं को फ्री बस सेवा, हर परिवार में 1 सरकारी नौकरी, गांविका दिदियों को ₹30,000 सैलरी, प्रहाय में फंसे पैसों को दिलाने के लिए SIA, पत्रकारों को रहने के लिए हॉस्टल, मुफ्त इलाज, वकीलों को ₹10 लाख का बीमा, ₹15 लाख का स्वास्थ्य बीमा शामिल किया गया है.
महागठबंधन के मेनिफेस्टो में क्या?
महागठबंधन ने सरकार गठन के 20 दिनों के अंदर हर परिवार को एक नौकरी का सरकारी आदेश देने की बात कही है. सरकार गठन के 20 महीनों के अंदर नौकरी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. वहीं आईटी पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), डेयरी और कृषि, स्वास्थ्य सेवा, खेती, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन आधारित उद्योगों में स्किल आधारित नौकरियां दी जाएंगी. यहां पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी. बिहार के लोगों को नौकरियों में वरीयता देने के लिए निवास प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा. सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों का आरक्षण दिया जाएगा.
अंतराष्ट्रीय सीमा से सटे जिले
11 नवंबर को जिन जिलों में वोटिंग की जाएगी उनमें से कई जिले अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हुए हैं. इन जिलों की सीमा नेपाल से सटी हुई है. ऐसे करीब सात जिले,जिसमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं.
मतदान के मद्देनजर पहले स्टेज के मुकाबले दूसरे स्टेज में सुरक्षा के और भी कड़े इंतजाम किए गए हैं. बिहार के डीजीपी ने बताया कि दूसरे चरण के लिए 1650 कंपनियों को तैनात किया जाएगा. अंतरराष्ट्रीय सीमा को भी सील कर दिया जाएगा. साथ ही सीमावर्ती राज्यों में चेकपोस्ट बनाए गए हैं.
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