बिहार चुनाव में अभी दोनों प्रमुख गठबंधन सीट शेयरिंग को लेकर आपस में उलझे हुए हैं. सीटों को लेकर आपसी सहमति नहीं बन पा रही है. कई दौर की लगातार बातचीत के बीच एनडीए में सीटों को लेकर समझौता हो गया और इसमें छोटी सहयोगी पार्टी जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा को 6 सीटें दी गई. बिहार में सभी की नजर सीटों के शेयरिंग पर थी तो मांझी की नजर अपने परिवार पर लगी रही. शायद यही वजह है कि उन्होंने 6 में से 3 सीट अपने परिवार के लोगों को ही बांट दी.
जीतन राम मांझी की पार्टी केंद्र में सत्तारुढ़ एनडीए की सहयोगी पार्टी है और वह खुद केंद्र में मंत्री भी है. जबकि उनके बेटे संतोष कुमार सुमन बिहार सरकार में मंत्री हैं और विधान परिषद के सदस्य भी हैं. मांझी को भले ही पिछले बार की तुलना में इस बार कम सीटें मिली हैं, लेकिन कम सीटें मिलने के बावजूद उन्होंने टिकट बंटवारे के दौरान अपने परिवार का पूरा ख्याल रखा है. उन्होंने अपनी बहू और समधन के अलावा दामाद को भी टिकट दे दिया.
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