डांडिया के बहाने बुलाया, फिर किया सामूहिक दुष्कर्म! दुमका में हैवानियत की इंतेहा, पुलिस जांच में जुटी

देश

झारखंड में एक ओर राज्य सरकार महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाने के लिए मइया सम्मान योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. राज्य के विभिन्न जिलों से लगातार महिलाओं के साथ अत्याचार और दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं. हाल ही में झारखंड की उपराजधानी दुमका जिले में दो दिन के भीतर दो सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदातों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है.

पहला मामला रानेश्वर थाना क्षेत्र का है, जहां दुर्गा पूजा प्रतिमा विसर्जन के बाद आयोजित मेले से लौट रही दो नाबालिग सहेलियों पर आठ युवकों के गिरोह ने हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि हमलावरों में चार नाबालिग भी शामिल थे. आरोप है कि एक पीड़िता के साथ चार युवकों ने छेड़छाड़ की, जबकि दूसरी नाबालिग के साथ चार अन्य आरोपियों ने सुनसान जगह पर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया.

आठ आरोपियों को हिरासत में लिया गया

घटना की जानकारी मिलते ही रानेश्वर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नाबालिग सहित आठ आरोपियों को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

इस घटना से ठीक 24 घंटे पहले दुमका के हंसडीहा थाना क्षेत्र में भी एक युवती के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया था. जानकारी के अनुसार, डांडिया नाइट कार्यक्रम में नृत्य करने के बहाने युवती को बुलाया गया था, जहां तीन युवकों ने मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. आरोपियों ने युवती के हाथ-पैर बांध दिए. इतना ही नहीं, उन्होंने इस घिनौनी हरकत की वीडियो भी मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली और बाद में पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वीडियो वायरल कर देंगे.

पीड़िता ने पुलिस को बताया दर्द

युवती की हालत बिगड़ने पर उसे छोड़ दिया, जिसके बाद उसने साहस जुटाकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी. पुलिस ने तीनों आरोपियों—सौरभ कुमार, राजन और पारस यादव—को हिरासत में ले लिया है और वीडियो भी जब्त कर लिया गया है.

इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर झारखंड सरकार की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ लगातार सामने आ रहे ऐसे अपराध यह दिखाते हैं कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा के हालात बेहद चिंताजनक हैं.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry