कन्या वध हो गया है, मुझे फांसी दिलाओ… राधिका की हत्या के बाद बड़े भाई से क्या बोला आरोपी पिता?

हरियाणा

गुरुग्राम में राधिका यादव हत्याकांड के मामले में अब राधिका के ताऊ के बयान सामने आए हैं. जहां ताऊ ने बताया है कि जब उन्हें राधिका की हत्या के बारे में पता चला था वह उसके घर पर पहुंचे थे और आरोपी पिता यानी दीपक उस वक्त घर पर ही मौजूद था. ताऊ ने बताया कि जब उन्होंने राधिका के पिता से बात की और पूछा कि ऐसा क्यों किया तो उसने बस इतना कहा था कि उससे कन्या वध हो गया है. इस दौरान आरोपी पिता ने फांसी की मांग की थी.

राधिका यादव हत्याकांड के मामले में राधिका के ताऊ विजय यादव ने इस वारदात को एक नया मोड़ दिया है. उन्होंने इस हत्याकांड के बारे में बताया कि राधिका के पिता दीपक यादव को बेटी की हत्या का अफसोस है. उन्होंने बताया कि दीपक इस तरह का आदमी नहीं है कि वह किसी ताने से इतना गुस्सा हो जाए और ऐसा काम कर बैठे. इस दौरान उन्होंने बताया कि दीपक खुद बेटी राधिका को एकेडमी तक छोड़ने जाता था.

विजय यादव ने बताया कि जिस वक्त वारदात हुई वह अपने घर पर ही मौजूद थे. उन्हें जैसे ही जानकारी मिली वह भागकर दीपक के घर पहुंचे. वहां पर राधिका को उसके परिजन हॉस्पिटल ले जा चुके थे और दीपक उस वक्त घर पर ही मौजूद था. उन्होंने बताया कि पुलिस दीपक के घर पर बाद में पहुंची थी. इस बीच विजय ने छोटे भाई दीपक से पूछा कि आखिर उसने राधिका को गोली क्यों मारी? इसके जवाब में आरोपी पिता ने ज्यादा कुछ नहीं कहा बस वह इतना ही कहता रहा कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई है.

पिता ने कहा- मुझे फांसी दो

राधिका के ताऊ ने बताया कि दीपक ने इस बात को स्वीकार कर लिया था कि उससे बहुत बड़ी गलती हुई है. दीपक बार-बार कह रहा था कि मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई, कन्या वध हो गया है. आरोपी दीपक इस दौरान यह भी कह रहा था कि उसे इस अपराध के लिए फांसी दी जाए. लेकिन, इस दौरान उसने एक भी बार इस बात का जिक्र नहीं किया कि आखिर उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया है.

एकेडमी को लेकर नहीं था विवाद

ताऊ विजय यादव ने बताया कि उन्हें इस बात पर बिलकुल भी यकीन नहीं है कि एकेडमी को लेकर बाप-बेटी के बीच किसी तरह का विवाद था. दीपक राधिको को बहुत प्यार करता था और वह उसे रोज एकेडमी छोड़ने भी जाता था. विजय ने बताया कि उन्हें इस बात पर यकीन नहीं है कि किसी ताने की वजह से दीपक ने इतना बड़ा कदम उठाया होगा. हालांकि उन्हें लगता है कि किसी ने शायद पर्सनली दीपक को ताना मारा होगा.

विजय ने बताया कि दीपक कुछ जगहों पर थोड़ा सीरियस किस्म का इंसान है. लेकिन, वह गुस्से वाला आदमी नहीं है, वह बच्चों के साथ बच्चों की तरह और बड़ों से बड़ों की तरह बात करता था. उन्होंने कहा कि उनके सभी भाइयों के बीच बहुत प्यार था और सभी मिलकर हर समस्या को सुलझा लेते थे.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry