इंदौर। अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश को लेकर तीन महीने से काउंसिलिंग चल रही है। बावजूद इसके कॉलेजों में तीस फीसद सीटें खाली है। इसके पीछे असल वजह यह है कि सीयूईटी रिजल्ट में देरी होने से विद्यार्थी स्नातक में प्रवेश नहीं ले रहे थे।
चार दिन पहले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने परिणाम घोषित किया है। अब उम्मीद लगाई जा रही है कि बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए, बीसीए सहित अन्य यूजी कोर्स में प्रवेश की संख्या बढ़ सकती है।
सीएलसी का एक और चरण रखा
ऐसा ही हाल स्नातकोत्तर में देखने को मिला है, क्योंकि स्नातक अंतिम वर्ष में फेल विद्यार्थियों की पूरक परीक्षा नहीं हुई है। इसके चलते स्नातकोत्तर में भी प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या कम है। अब उच्च शिक्षा विभाग ने रिक्त सीटों को भरने के लिए कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (सीएलसी) का अतिरिक्त चरण रखा है। विभाग ने काउंसिलिंग शेड्यूल गुरुवार रात में वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।
आज से रजिस्ट्रेशन हुआ शुरू
प्रदेशभर के सरकारी और निजी कॉलेजों में रिक्त सीटों पर प्रवेश देने के लिए सीएलसी का तीसरा चरण रखा है। मौजूदगा स्थित के मुताबिक दो लाख यूजी और डेढ़ लाख पीजी में सीटें खाली है। इन पर आवेदन के लिए आज विभाग ने पंजीयन शुरू कर दिया है।
विद्यार्थियों को एमपी ऑनलाइन के माध्यम से पंसदीदा पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी करना है। 5 अगस्त तक पंजीयन को लेकर समय दिया है। दस्तावेजों के सत्यापन भी 5 अगस्त तक होंगे। अधिकारियों के मुताबिक सीएलसी में पंजीयन सिर्फ वही छात्र-छात्राएं कर सकते है, जिन्होंने पूर्व में काउंसिलिंग को लेकर आवेदन नहीं किया है।
10 अगस्त तक फीस भरना है
वहीं पूर्व में पंजीयन करवाने वाले विद्यार्थियों को सीधे च्वाइंस फीलिंग के माध्यम से पसंदीदा कॉलेज बताना है। 7 अगस्त तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर विभाग मेरिट बनाएगा। फिर छात्र-छात्राओं को सीटें आवंटित की जाएगी। यह सूची 7 अगस्त को जारी होगी। फिर विद्यार्थियों को चार दिनों के भीतर फीस जमा करना है। 10 अगस्त तक फीस भरने की समयावधि निर्धारित की गई है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad