बैतूल। घोड़ाडोंगरी तहसील के कोलफील्ड्स लिमिटेड पाथाखेड़ा क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे में तीन कोयला कर्मियों की चट्टान के नीचे दबने से मौत हो गई। हादसे पर केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने शोक जताया है। वहीं जिला प्रशासन और कोयला खदान के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली है। खदान सूत्र बताते हैं कि 14 मीटर की कोयला चट्टान को काटकर कंटीन्यूअस माइनर निकली ही थी कि निरीक्षण करने अंडर मैनेजर गोविंद कसोरिया, माइनिंग सरदार रामदेव पंडोल और ओवरमैन रामप्रसाद चौहान रूप का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
इसी दौरान 8 मीटर लंबी, 6 मीटर चौड़ी और 1 फीट मोटी पत्थर की चट्टान गिर गई। जिसके नीचे दबने से अंडर मैनेजर, माइनिंग सरदार और ओवरमैन की मौत हो गई। खदान में हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर कोयला खदान रेस्क्यू की तीन टीम, एसडीआरएफ पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद चट्टान के नीचे दबे कोयला कर्मियों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों में से दो स्थानीय निवासी हैं और तीसरा कर्मचारी छत्तीसगढ़ के कवर्धा का रहने वाला था। तत्काल उसके परिजनों को सूचना दे दी गई थी। रेस्क्यू के बाद तीनों के शव बाहर निकाल लिए गए पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और जांच के आदेश दे दिए हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
