जिला न्यायालय में पेशी के दौरान मंगलवार को पुलिसकर्मी की 22 वर्षीय बेटी पर एसिड अटैक करने वाले दोनों मुख्य आरोपियों यश सोनकर और उसके दोस्त करण कुंजाम को जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। पुलिस जब दोनों आरोपियों का मुंडन कराकर उन्हें थाने से पैदल न्यायालय ले जा रही थी, तभी घड़ी चौक के पास एकत्रित भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के चेहरे पर कालिख पोत दी और जमकर पिटाई की, साथ ही उन्हें फांसी देने की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी भी की।
🛡️ हेलमेट पहनाकर ले जाया गया जेल, वकीलों ने की आरोपियों की पैरवी करने से सख्त मनाही
मौके पर मौजूद पुलिस बल ने किसी तरह स्थिति को संभाला और दोनों आरोपियों को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला। अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब उन्हें वापस जेल भेजा जा रहा था, तब सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने दोनों को हेलमेट पहनाकर वाहन तक पहुंचाया। इस शर्मनाक घटना के बाद स्थानीय वकीलों में भी गहरा आक्रोश है, और जिले के वकीलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इन आरोपियों का कोई भी केस नहीं लड़ेंगे और न ही इनकी पैरवी करेंगे।
🕵️♂️ प्रेम प्रसंग और बातचीत से नाराजगी बनी हमले की वजह, पुलिस ने किया वारदात का रिक्रिएशन
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी यश और पीड़िता ई-लाइब्रेरी में एक साथ पढ़ते थे। पीड़िता की किसी अन्य युवक से बातचीत से यश नाराज रहता था, जिसके बाद उसने अपने दोस्त करण के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। 5 अक्टूबर को जब छात्रा लाइब्रेरी से लौट रही थी, तब उस पर एसिड फेंक दिया गया, जिससे उसकी दायीं आंख की रोशनी चली गई और एक हाथ झुलस गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और घटनास्थल पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का रिक्रिएशन भी कराया है।
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