पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) का ऐलान: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मांगे 6 महीने, ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ पर आएगा कड़ा कानून

देश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को एक बड़े नीतिगत ऐलान में कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के बाद सरकार “लव जिहाद”, “लैंड जिहाद” और जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ बेहद सख्त कानून लेकर आएगी।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने इन वादों को अमलीजामा पहनाने के लिए जनता से छह महीने का समय मांगा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में भाजपा सरकार पूरी तरह से संविधान के अनुसार काम करेगी, लेकिन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं, मंदिरों और पूजा स्थलों पर किसी भी प्रकार के हमलों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह सरकार राज्य में किसी भी देश-विरोधी गतिविधि की अनुमति नहीं देगी।

🚫 जादवपुर यूनिवर्सिटी और देश-विरोधी ताकतों पर निशाना: संस्कृति और परंपरा की रक्षा का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान दिए गए अन्य प्रमुख बयानों के बिंदु:

  • राष्ट्रवादी युवाओं का विरोध: पीटीआई न्यूज के हवाले से शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी में देश-विरोधी ताकतों के खिलाफ राष्ट्रवादी युवाओं के विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया और दावा किया कि कुछ लोग आज भी वहां “आजादी” के नारे लगा रहे हैं, जिन्हें जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।

  • दोहरे मानदंडों पर प्रहार: उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग तब चुप रहते हैं जब आतंकवादी धर्म के आधार पर निर्दोष पीड़ितों को चुनकर उनकी हत्या करते हैं, लेकिन जब भारतीय वायुसेना (IAF) दुश्मन के इलाके में घुसकर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करती है, तो वे जुलूस निकालने लगते हैं।

  • भगवा और संस्कृति का सम्मान: भगवा रंग के अपमान या उसकी अनदेखी के खिलाफ चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार संविधान के दायरे में रहकर काम करेगी, लेकिन स्वामी विवेकानंद और महाप्रभु श्री चैतन्य की इस पावन भूमि पर सनातन परंपराओं और धरोहरों पर आंच नहीं आने दी जाएगी।

⚖️ उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर बनेगा UCC प्रारूप: चुनावी वादों पर अमल

समान नागरिक संहिता और कानूनी रूपरेखा से जुड़ी मुख्य बातें:

  • उत्तराखंड-गुजरात मॉडल: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में उत्तराखंड और गुजरात राज्यों की तर्ज पर ही कार्य करेगा।

  • उच्च स्तरीय कमेटी: राज्य सरकार ने बंगाल के लिए UCC के प्रारूप (Draft) की कानूनी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पहले ही एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है।

  • चुनावी वादा: गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता (UCC) साल 2026 के विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा के मुख्य चुनावी वादों में से एक था, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है। एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार, इस बिल का मुख्य उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में सभी समुदायों के लिए समान सिविल कानून स्थापित करना है।

🎉 दुर्गा पूजा, कांवड़ यात्रा और आगामी धार्मिक आयोजनों का रोडमैप

सरकार द्वारा आने वाले महीनों में तय किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा:

  • कांवड़ यात्रा का सम्मान: सीएम ने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने हाल ही में कौशिकी अमावस्या के पावन अवसर पर तारापीठ में कांवड़ यात्रियों और भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई थी।

  • पितृपक्ष और दुर्गा पूजा: उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परंपरा के अनुसार पितृपक्ष के दौरान दुर्गा पूजा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ईडन गार्डन्स में होने वाले विशाल महालया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे, जिसमें VHP को भी आमंत्रित किया जाएगा।

  • बड़े धार्मिक आयोजन: इसके अलावा नवंबर महीने में नेताजी इंडोर स्टेडियम में 20,000 लोगों द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और 29 दिसंबर को 10 लाख लोगों द्वारा सामूहिक गीता पाठ का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, आगामी गंगासागर मेले में अंतरराष्ट्रीय स्तर (International Standard) की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

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