मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षकों को बड़ी राहत: ई-अटेंडेंस के समय में मिली छूट, अब सुबह 10:30 बजे तक लगेगी हाजिरी

मध्य प्रदेश

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कार्यरत लाखों शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने भारी बारिश और खराब मौसम के दृष्टिगत सरकारी शिक्षकों को ई-अटेंडेंस (E-Attendance) दर्ज कराने के कड़े नियमों में बड़ी राहत प्रदान की है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा विभिन्न शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक के उपरांत यह स्पष्ट किया गया है कि अब शिक्षकों पर प्रातः 9:45 बजे तक ई-अटेंडेंस दर्ज कराने की कोई प्रशासनिक बाध्यता नहीं रहेगी। शिक्षक अब प्रातः 10:30 बजे तक सहजता से अपनी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।

🤝 लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह और मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की बैठक में लिया गया निर्णय

यह महत्वपूर्ण निर्णय लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह तथा मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के मध्य आयोजित बैठक में लिया गया।

मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. छत्रवीर सिंह राठौर ने मजबूती से पक्ष रखते हुए मांग की थी कि जब विद्यालयों का नियमित समय प्रातः 10:30 बजे से अपराह्न 4:30 बजे तक निर्धारित है, तो ऐसी स्थिति में शिक्षकों पर सुबह 9:45 बजे तक ई-अटेंडेंस दर्ज करने का अनुचित दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। लोक शिक्षण आयुक्त ने तर्कसंगत मांग को स्वीकार करते हुए प्रातः 10:30 बजे तक हाजिरी लगाने की अनुमति प्रदान की। इसके साथ ही विषम परिस्थितियों में प्रातः 10:45 बजे तक ई-अटेंडेंस स्वीकार करने के प्रावधान पर भी सहमति बनी है।

🏛️ डिजिटल नियम थोपने से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराए सरकार: उपेंद्र कौशल

ई-अटेंडेंस व्यवस्था के क्रियान्वयन और दैनिक बदलावों पर शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “प्रदेश सरकार को सुदूर और ग्रामीण अंचलों में सेवारत अध्यापकों पर डिजिटल नियम लागू करने से पूर्व उनकी बुनियादी आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों के लिए आवास व्यवस्था, सुरक्षित परिवहन के साधन और विशेष ग्रामीण भत्ते जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए, क्योंकि शिक्षक अत्यंत विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में जुटे हैं।”

🌊 उफनते नदी-नाले पार न करें शिक्षक, वॉट्सएप पर सूचना देने पर मिलेगी उपस्थिति में छूट

प्रदेश भर में हो रही निरंतर मूसलाधार बारिश को देखते हुए लोक शिक्षण आयुक्त ने शिक्षकों और छात्रों की जीवन रक्षा हेतु कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने सख्त ताकीद की है कि जलभराव या बाढ़ की स्थिति में कोई भी शिक्षक अथवा विद्यार्थी उफनते नदी, नालों और रपटों को पार करके स्कूल जाने का जोखिम न उठाए। यदि किसी मार्ग पर जलभराव के कारण आवागमन अवरुद्ध होता है, तो शिक्षक तत्काल अपने संकुल प्राचार्य अथवा संस्था प्रमुख को अधिकृत वॉट्सएप ग्रुप (WhatsApp Group) के माध्यम से सूचित करें। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से दी गई इस सूचना को पूर्णतः वैध मानकर शिक्षकों को उपस्थिति में नियमानुसार रियायत प्रदान की जाएगी।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry