कांकेर (छत्तीसगढ़): खाने को लेकर हुए मामूली विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए तबाह कर दिया। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के मर्दापोटी गांव में शराब के नशे में अपनी ही सगी मां की नृशंस हत्या करने वाले कलयुगी बेटे को प्रधान सत्र न्यायाधीश, कांकेर की अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) और ₹1,000 के अर्थदंड की कठोर सजा सुनाई है।
🍗 चिकन और खाना न बनाने पर विवाद, लट्ठ से वार करने के बाद मरोड़ दी मां की गर्दन
मामला कांकेर कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मर्दापोटी का है।
जहां आरोपी अनूराम सलाम (21 वर्ष) ने 1 सितंबर 2025 को अत्यधिक शराब के नशे में अपनी मां दोपति सलाम (लगभग 45 वर्ष) से घर में मुर्गा (चिकन) और खाना न पकाने की बात पर विवाद शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि अनूराम ने घर में रखे लकड़ी के भारी लट्ठ से मां के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। इसके पश्चात भी जब दिल नहीं भरा, तो उसने अपनी मां की गर्दन मरोड़कर उसे सदा के लिए मौत की नींद सुला दिया।
🧵 हत्या को आत्महत्या का रूप देने की साजिश, साड़ी के फंदे से लटकाया शव
मासूम मां की हत्या करने के बाद शातिर आरोपी बेटे ने पुलिस और ग्रामीणों को गुमराह करने के लिए इस सनसनीखेज वारदात को आत्महत्या का रूप देने का कुचक्र रचा।
उसने मां के शव को साड़ी से फंदा बनाकर फांसी पर लटका दिया ताकि हर किसी को लगे कि महिला ने खुदकुशी की है। इसके तुरंत बाद वह अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर गांव के ही आवास पारा स्थित दिनेश सलाम के घर चला गया। शाम को वापस लौटने के बाद भी उसने पड़ोसियों या रिश्तेदारों को घटना की कोई जानकारी नहीं दी।
🚔 पुलिस जांच में खुला राज, 5 सितंबर 2025 से जेल में बंद था आरोपी
पुलिस द्वारा की गई फॉरेंसिक व वैज्ञानिक जांच के सामने आरोपी की चालाकी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
कांकेर कोतवाली पुलिस ने हत्या की धाराओं में मामला पंजीकृत कर 5 सितंबर 2025 को आरोपी अनूराम सलाम को गिरफ्तार किया था। तब से ही आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद था।
⚖️ गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत का कड़ा फैसला, उम्रकैद के साथ 1000 रुपये का जुर्माना
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से लोक अभियोजक / अधिवक्ता ईश्वरलाल साहू ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा।
प्रस्तुत गवाहों के बयानों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और ठोस साक्ष्यों के आधार पर सत्र न्यायालय ने आरोपी अनूराम सलाम को अपनी ही मां की हत्या का मुख्य दोषी ठहराते हुए धारा 302/201 के तहत आजीवन कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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